नई दिल्ली: दक्षिण भारत में हिन्दी भाषा का विरोध अपने चरम पर है, तमिलनाडु में पूरी तरह से हिन्दी का बहिष्कार करने की राजनीति चल रही है, लेकिन इस राजनीति के बीच पीएम मोदी ने एक शब्द बोल कर इन हिन्दी विरोधी नेताओं को अपने गिरेबां में झांकने के लिए मजबूर कर दिया है. पीएम मोदी ने कहा है कि “तमिल का गौरव हो, कम से कम तमिल में सिग्नेचर तो करो”
श्रीलंका से तमिलनाडु पहुंचे हैं पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम नवमी की सुबह श्रीलंका से वापस भारत पहुंचे हैं. पीएम ने भारत में वापसी के लिए सबसे पहले तमिलनाडु राज्य को चुना, जहां उन्होंने कई विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी. इसी दौरान प्रधानमंत्री ने बताया कि श्रीलंका से लौटते समय उन्होंने विमान से रामसेतु को दर्शन भी किये. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा “श्रीलंका से लौटते हुए विमान से रामसेतु के दर्शन किए। यह तभी हुआ, जब अयोध्या के राम मंदिर में रामलला का सूर्य तिलक हो रहा था। यह दिव्य अनुभव था। प्रभु श्रीराम हम सभी को जोड़ने वाली शक्ति हैं। उनकी कृपा सदैव हम पर बनी रहे”
तमिलनाडु के नेताओं पर पीएम मोदी का कटाक्ष
इस दौरान हिन्दी बनाम तमिल की लड़ाई के बीच हिन्दी का विरोध करने वाले नेताओं का खिंचाई करते हुए भी पीएम दिखाई दिए. पीएम मोदी ने कहा-मैं तो कभी-कभी हैरान हो जाता हूं, जब तमिलनाडु के कुछ नेताओं की चिट्ठियां मेरे पास आती हैं। कभी कोई नेता तमिल भाषा में सिग्नेचर नहीं करता। तमिल का गौरव हो, कम से कम तमिल में सिग्नेचर तो करो। इसके साथ ही पीएम ने तमिल भाषा की तारीफ करते हुए कहा कि- आज दुनिया में भारत के प्रति आकर्षण बढ़ा है। लोग भारत आना चाहते हैं, भारत को समझना चाहते हैं। तमिल भाषा और धरोहर दुनिया के कोने-कोने में पहुंचे। इसके लिए सरकार कोशिश कर रही है। मैं मानता हूं 21वीं सदी में इस महान परंपरा को और आगे ले जाना है। मुझे विश्वास है रामेश्वरम और तमिलनाये धरती हमें नई प्रेरणा देती रहेगी।