चेन्नई : तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों बड़ा सियासी हलचल देखने को मिल रहा है. चर्चा तेज है कि एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके आने वाले समय में अपने राजनीतिक समीकरण बदल सकती है. कांग्रेस के साथ बढ़ती दूरी और राष्ट्रीय स्तर पर बदलते गठबंधन समीकरणों के बीच भारतीय जनता पार्टी की ओर से डीएमके को लेकर नरम संकेत दिए जाने की चर्चा है.
सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी गठबंधन में कई मुद्दों को लेकर अंदरखाने मतभेद बढ़ रहे हैं. ऐसे में बीजेपी दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बड़े क्षेत्रीय दलों के संपर्क में बताई जा रही है. राजनीतिक गलियारों में यह भी कहा जा रहा है कि अगर स्टालिन एनडीए के करीब आते हैं तो इसका सबसे बड़ा नुकसान कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन को हो सकता है.
हालांकि, डीएमके की ओर से अभी तक किसी भी संभावित गठबंधन बदलाव पर आधिकारिक बयान नहीं आया है. लेकिन दिल्ली से लेकर चेन्नई तक इस मुद्दे पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर तमिलनाडु की राजनीति में ऐसा कोई बड़ा बदलाव होता है तो 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय राजनीति का पूरा समीकरण बदल सकता है.