सहारनपुर: बरेली में हाल ही में हुई हिंसा के बाद वहां पहुंचने की कोशिश में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और समाजवादी पार्टी के विधायक शाहनवाज खान को मंगलवार की देर शाम से ही उनके घरों पर नजरबंद कर दिया गया. पुलिस ने दोनों नेताओं के आवासों के बाहर भारी संख्या में जवान तैनात कर दिए थे, जिससे वे सुबह छह बजकर 50 मिनट वाली ट्रेन से बरेली न जा सकें.
मसूद ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि वे गांधीवादी विचारों के अनुयायी हैं और वहां पुलिस उप महानिरीक्षक सहित अधिकारियों से मिलने का कार्यक्रम था, शाम डेढ़ बजे लौटना भी तय था, लेकिन प्रशासन ने रास्ता रोक लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी सरकार अपनी कमियों को ढकने के लिए तरह-तरह के जाल बिछा रही है.
प्रशासन का तर्क है कि नेताओं के जाने से स्थिति बिगड़ सकती है, लेकिन मसूद का कहना है कि असल में सरकार ने ही बरेली का माहौल खराब किया है और मुसलमानों को जानबूझकर निशाना बना रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कानून सबके लिए एक समान नहीं होना चाहिए? मसूद ने आगे कहा कि अगर देश में ऐसा वातावरण बना रहेगा तो सबको सतर्क रहना पड़ेगा.
उन्होंने फतेहपुर के मकबरे में घुसकर मजार तोड़ने और अराजकता फैलाने की घटना का जिक्र किया, जहां बैरिकेडिंग तोड़कर लोग अंदर घुसे लेकिन आज तक कोई सजा नहीं हुई. इसी तरह मुजफ्फरनगर में सड़कों पर होटलों की लूट हुई, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कोई लड़का पोस्टर लेकर खड़ा हो जाए तो क्या उसके हाथ-पैर तोड़ दोगे, जबकि उसमें तो किसी से नफरत का इशारा भी नहीं था.