25 लाख की सुपारी, सड़कों पर उतरे 70 गुर्गे और सलमान खान के घर की रेकी, ये लॉरेंस बिश्नोई का वो प्लान था, जिसे डिकोड करने में मुंबई पुलिस को 84 दिन लग गए, 14 अप्रैल को गैलेक्सी अपार्टमेंट में हुई घटना के 84 दिन बाद मुंबई पुलिस ने 1735 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दायर की. जिसमें सबसे पहले पन्ने से ही लॉरेंस के गुनाहों की कहानी शुरू होती है.
सलमान खान ने ये बताया...
इसमें एक पन्ना सलमान खान के इकबालिया बयान का भी है, जिसमें लिखा है, लॉरेंस बिश्नोई मुझे ऊपर नहीं भेजना चाहता, बल्कि वो मुझसे वसूली करना चाहता है. यही वजह है कि पहले डैडी सलीम खान को पार्क में धमकी वाली चिट्ठी दी, फिर घर पर उसके गुर्गों ने दीवारों को दहलाया, उस वक्त मैं घर पर सो रहा था. मेरे फार्म हाउस में भी इन लोगों ने घुसने की कोशिश की है, पर मैं किसी से नहीं डरता.
46 गवाहों का लिया गया बयान
कुल 46 गवाहों के बयान औऱ 20 पंचनामे के आधार पर मुंबई पुलिस की स्पेशल टीम ने ये चार्जशीट तैयार की है, जिसमें लॉरेंस का वो काला पन्ना है, जिससे अब तक कई राज्यों की पुलिस अछूती रही, लॉरेंस बिश्नोई के पाकिस्तान में बैठे उन दोस्तों के भी नाम है, जो हिंदुस्तान के अलग-अलग हिस्सों में लॉरेंस नाम का दहशत फैलाने में सीमापार से मदद कर रहे हैं.उसने अपने एक दोस्त की मदद से पाकिस्तान से स्पेशल सामान मंगवाया था. अब तक की रिपोर्ट ये कहती है कि पाकिस्तान में लॉरेंस के तीन दोस्त बैठे हैं.
रॉ के पूर्व अधिकारी का सनसनीखेज दावा
अगर ये वाली बात सही है तो फिर लॉरेंस औऱ देश के दुश्मनों में कोई फर्क नहीं है, जो लॉरेंस खुद को राष्ट्रवादी बताता है, भगत सिंह की टीशर्ट पहनकर जेल में रहता है, वो देश के दुश्मनों के साथ हाथ क्यों मिला रहा है, ये बड़े-बड़े आईपीएस भी नहीं समझ पा रहे हैं, हमने जब इसकी वजह जानने की कोशिश की तो बड़ी जानकारी सामने आई. रॉ के पूर्व अधिकारी और यूपी पुलिस के दबंग अधिकारी रहे आऱके चतुर्वेदी एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में कहते हैं, दाऊद आईएसआई की मदद से और आईएसआई दाऊद की मदद से आज लॉरेंस बिश्नोई तक पहुंचने की हरसंभव कोशिश कर सकते हैं, क्योंकि दोनों का ही अपना-अपना स्वार्थ है. जैसे ही दाऊद भारत और मुंबई में अपने उखड़े हुए पांव दोबारा जमा लेगा, एक दिन वैसे ही मौका मिलने पर वो (दाऊद) लॉरेंस बिश्नोई को बड़ा झटका दे जाएगा. यह दाऊद की जन्मजात फितरत रही है.
लंबे समय से जेल में है लॉरेंस बिश्नोई
इसकी शुरुआत से आदत रही है कि जिस सीढ़ी से छत पर पहुंचो, उसी सीढ़ी को तुरंत फेंक डालो, ताकि बराबर में कोई औऱ खड़ा न हो सके. लॉरेंस बिश्नोई लंबे वक्त से जेल में बंद है, उसके पास भले ही गुर्गों की बहुत बड़ी फौज हो, लेकिन सच्चाई यही है कि उस पर दिनों-दिन शिकंजा कसता जा रहा है, औऱ उसे पैसों की किल्लत होती जा रही है, ऐसे में वो चंद कौड़ियों के लिए पाकिस्तान जैसे देश की खुफिया एजेंसी ISI से हाथ मिलना उसकी मजबूरी होगी, इसमें पाकिस्तान का फायदा ये है कि वो अलग-अलग जगहों पर अपने हिसाब से खुराफात करवा सकेगा, जबकि लॉरेंस का खौफ बरकरार रहेगा, लेकिन नुकसान चूंकि समूचे हिंदुस्तान का है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियों की सबसे बड़ी नजर लॉरेंस और उसके गुर्गों पर है. सलमान खान केस की चार्जशीट दायर होने के बाद एक बात तो साफ हो गई है कि लॉरेंस का पाकिस्तान कनेक्शन नहीं टूटा तो खतरा बड़ा है.