नई दिल्ली: UP में होली खेली गई, देश का कोई कोना नहीं, जहां रंग नहीं दिखा, लेकिन योगी आदित्यनाथ सियासी विरोधी अखिलेश यादव ने होली क्यों नहीं खेली, सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि अखिलेश यादव के मंच पर रंग ही नहीं था? ये वही वायरल वीडियो है जिसमें अखिलेश यादव का मंच तो सजा है, लेकिन रंग नहीं दिखाई देता है, हैरानी की बात ये है कि मंच के नीचे जो समर्थक खड़े हैं, उन्होंने होली खेली है, यानि ये वीडियो होली वाले दिन का ही है! अखिलेश ने होली खेली या नहीं खेली, ये बताएं उसके पहले देखिए यूपी के उन मुस्लिम नेताओं की होली जिन्होंने भाईचारे का संदेश देते हुए भी होली खेली! ये पश्चिम UP के कांग्रेस के सांसद इमरान मसूद हैं, इनकी होली चर्चा में रही! सबसे पहले देखिए माफिया इरफान सोलंकी की पत्नी नसीम सोलंकी की होली कैसी रही, वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि नसीम सोलंकी भी होली खेल रही थीं.
होली पर सपा की दो तरह की तस्वीरें सामने आईं.. एक जिसमें अखिलेश यादव होली कार्यक्रम में शामिल तो होते हैं.... लेकिन कपड़ों पर और शरीर पर एक भी रंग का छींटा तक नहीं होता, मंच पर चाचा शिवपाल भी होते हैं. वो भी रंग से दूर ही नजर आते हैं. बाकी लोग जो मंच पर बैठे थे किसी के ऊपर जरा भी रंग नहीं लगा था. जिसके बाद लोगों ने अखिलेश को ट्रोल करना शुरू कर दिया कि भाईजान को रंग पसंद नहीं है, ये कैसा होली कार्यक्रम जिसमें रंगों का नामोनिशान तक नहीं है, इस कार्यक्रम का आयोजन सैफई में किया गया था.
इस वीडियो में नसीम सोलंकी लोगों के साथ होली खेलती दिखाई दे रही हैं.. एक खाट पर फूलों की टोकरी रखी गई है... यहां महिलाएं अपनी सपा विधायक के साथ फूल फेंक कर होली मनाती दिखाई दे रही हैं...10 सेकेंड का वीडियो भी जमकर वायरल हो रहा है...जबकि ये तस्वीर सपा विधायक मोहम्मद फहीम इरफान की है. मुरादाबाद की बिलारी विधानसभा से सपा विधायक फहीम होली कार्यक्रम में शामिल होते हैं. इस वीडियो में सपा विधायक लोगों के साथ मिलकर होली मनाते नजर आते हैं. यहां बुजुर्ग भी हैं.
और युवा भी... इन लोगों के साथ मिल कर फहीम गानों की धुनों पर थिरकते हुए भी नजर आते हैं...हालांकि अखिलेश यादव का एक कार्यक्रम सैफई में था. जिसमें उनके कपड़े कोई रंग नहीं दिखता है! हालांकि हमने जब दूसरी तस्वीर देखी तो हमें होली खेलने वाली तस्वीर दिखाई देती है! मंच पर अलग-अलग तरह के फूलों का ढेर लगा था. समाजवादी पार्टी ने फूलों वाली होली खेली, दरअसल रंगों पर सियासत हो रही थी. और अखिलेश यादव हमेशा सियासत में कुछ नया करने की कोशिश करते हैं, शायद इसलिए फूलों की होली खेलते नज़र आए...
यूपी में ज्यादातर मुसलमानों ने होली से दूरी बनाई, हालांकि कई वीडियो में टोपी लगाए मुसलमानों ने रोज़ा के दौरान भी होली खेली, हालांकि रंगों की होली की बजाय फूलों की होली खेली! हमने पता किया, क्या ओवैसी ने होली खेली तो हमें एक उनका बयान मिलता है, दरअसल मस्जिदों को ढंके जाने से वो नाराज़ थे और होली वाले दिन ही सरकार पर भड़क गए, वो योगी आदित्यनाथ को सुनाते हुए कहते हैं कि हमें जाना होता तो हम 1947 के बंटवारे में ही जाते, ये हमारा मुल्क है, हम यहां से नहीं जाएंगे!
सवाल ये है कि योगी आदित्यनाथ ने क्या सच में होली के त्यौहार पर सियासी रोटी सेंक ली? या फिर कहानी कुछ और है? ज़रा हम आपको दिखाते हैं? सोचिए हिन्दुस्तान के आज़ाद होने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पहली बार होली मनाई गई! इमरान मसूद हों या फिर नसीम सोलंकी इन सबकी तस्वीरें पहली बार वायरल क्यों हो रही है? योगी ने अपना रास्ता पकड़ा है, जैसे इमरान मसूद और ओवैसी जैसे नेता अपने धर्म की बात करते हैं वैसे ही योगी ने सनातन की बात करना शुरू कर दिया है.
हालांकि मुलायम सिंह यादव भी होली के रंग से दूरी बनाकर रखते थे, और फूलों की होली खेलते थे. इधर जब अखिलेश यादव रंगों से दूरी बना रहे थे, तब योगी आदित्यनाथ रंगों में सराबोर थे, उनका चेहरा गुलाल से भरा था...! किसकी होली का क्या संदेश था, ये जनता समझ रही है, और हिसाब सबका 2027 में तय माना जा रहा है? योगी तो मानो आम इंसान की तरह होली की छुट्टी पर हैं, और उन्हें होलती खेलते, गाते, फगुआ सुनते देखा गया!