शिवाजी की मूर्ति को लेकर महासंग्राम! महा विकास अघाड़ी और BJP ने किया अलग-अलग प्रदर्शन

Global Bharat 01 Sep 2024 03:02: PM 2 Mins
शिवाजी की मूर्ति को लेकर महासंग्राम! महा विकास अघाड़ी और BJP ने किया अलग-अलग प्रदर्शन

छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति गिरने के मामले में राजनीति जारी है. रविवार को महाराष्ट्र के मुंबई में महा विकास अघाड़ी (MVA) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अलग-अलग विरोध-प्रदर्शन किया है. बता दें कि MVA के विरोध मार्च का उद्देश्य घटना की निंदा करना था, वहीं BJP के प्रदर्शन करने का उद्देश्य MVA के खिलाफ जवाबी विरोध प्रदर्शन करना था. BJP ने  MVA पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है.

बता दें कि कुछ दिन पहले सिंधुदुर्ग जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फुट ऊंची मूर्ति गिर गई थी. यह घटना 26 अगस्त की है. पिछले साल 4 दिसंबर को नौसेना दिवस समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा इसका अनावरण किया गया था. मामले में शिवसेना (UBT) सांसद अनिल देसाई पीएम मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भावुक थे, उन्होंने घटना पर दुख जताया, लेकिन महाराष्ट्र सरकार को जो दुख व्यक्त करना चाहिए था, उसने ऐसा नहीं किया. इसके विपरीत, उन्होंने विपक्ष के साथ गलत तरीके से पेश आना शुरू कर दिया और कहा कि हम इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं, जबकि यह सबसे भावनात्मक मुद्दा था, जो महाराष्ट्र ने पहले कभी नहीं देखा.

 शिवसेना (UBT) सांसद ने कहा कि हमने लोकतांत्रिक तरीके से सब कुछ किया था, हमने प्रशासन और पुलिस को आवेदन दिया था और हमें उम्मीद थी कि समय रहते अनुमति मिल जाएगी, जो उन्होंने नहीं दी. उन्होंने आगे कहा कि ऐसा लग रहा है कि कोई युद्ध जैसा विरोध होने वाला है. शिवसेना यूबीटी नेता ने कहा कि वे (सत्ता पक्ष) इसे (राजनीतिक) कह सकते हैं क्योंकि उनके पास बचाव करने के लिए कुछ नहीं है.

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के लोग जानते हैं कि कौन राजनीति कर रहा है और कौन हमारे गौरव के साथ सड़क पर है...सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए. इससे पहले, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष के विरोध को पूरी तरह से राजनीतिक बताते हुए खारिज कर दिया था. शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने जोर देकर कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज को भगवान के समान माना जाता है और उनके विरोध में बाधा डालने के लिए अधिकारियों की आलोचना की. उन्होंने दावा किया कि मूर्ति का गिरना उनके सम्मान और स्वाभिमान पर आघात है.

इसके अलावा, सांसद सावंत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा राजनीतिक बयान देते हैं. उन्होंने कहा कि अगर उन्हें ऐसी सहानुभूति होती तो वे मणिपुर चले जाते. केंद्र सरकार की नीति महाराष्ट्र का अपमान करना है. यह राजनीतिक नहीं है, यह आंदोलन महाराष्ट्र के सम्मान के लिए है, जिसका अपमान किया गया है. इससे पहले शिवसेना सहित देश के कई विपक्षी पार्टियों ने भी विरोध जताया था.

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