हिंदू शेरनी के साथ खड़े हुए योगी तो भाग खड़े हुए ओवैसी भाई! महाराष्ट्र चुनाव में अली VS बजरंगबली

Abhishek Chaturvedi 09 Nov 2024 06:59: PM 3 Mins
हिंदू शेरनी के साथ खड़े हुए योगी तो भाग खड़े हुए ओवैसी भाई! महाराष्ट्र चुनाव में अली VS बजरंगबली

15 मिनट वाली धमकी देने वाले छोटे अकबरुद्दीन ओवैसी (Akbaruddin Owaisi) के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने ऐसा क्या किया, घर लौटते ही नींद उड़ गई. दोनों भाई मिलकर मोदी और योगी को घेरने चले थे, महाराष्ट्र में अपनी सियासी जड़े जमाने चले थे, लेकिन ये दांव उल्टा पड़ गया.. कैसे 24 घंटे के भीतर ओवैसी भाइयों की हवा निकल गई, महाराष्ट्र का पूरा चुनाव 360 डिग्री घूम गया, आपको पूरा सियासी माहौल विस्तार से समझाते हैं. पहले छोटे ओवैसी की 15 मिनट की धमकी का जवाब नवनीत राणा ने 15 सेकेंड से दिया..

उससे बाद योगी आदित्यनाथ ने बजरंगबाण छोड़ दिया.. जिससे विरोधियों में खलबली मच गई. जैसे रामायणकाल में तरकश से निकली तीरों से हाहाकार मच जाता था, वैसे ही योगी के तीन बयानों ने पूरा माहौल पलट डाला, विरोधी खेमा उसका तोड़ ढूंढने लगा, पर न तो उसका तोडड़ लगता है फिलहाल सियासत के भीष्मपितामह शरद पवार के पास है, और ना ही उद्धव ठाकरे के पास.

योगी के तीन बयान से हड़कंप

  • योगी ने पहला बयान दिया- त्रेतायुग में बजरंग बली थे, तब दुनिया में कहीं भी इस्लाम का नामोनिशान नहीं था. भारत के अंदर ऐसा कौन भारतीय है, जो भगवान राम को न जानता हो और बजरंग बली को न मानता हो
  • योगी ने दूसरा बयान दिया- हनुमान चालीसा पाठ से किसे दिक्कत हो रही है? ऐसे लोगों का क्या ही किया जाए. जिन्हें बजरंग बली नहीं पसंद, वह वहां जाएं, जो उनको पसंद है. पाठ से दिक्कत वालों की ये जगह नहीं!
  • योगी ने तीसरा बयान दिया- मैं छत्रपति शिवाजी महाराज से प्रेरणा ले रहा हूं और आपसे अपील करता हूं कि आप बंटे नहीं क्योंकि जब भी हम बंटे, हम कटे हैं. इसलिए चुनाव से पहले और बाद हमेशा एकजुट ही रहें

इन तीन बयानों को कॉपी करते हुए छोटे ओवैसी ने मुस्लिमों को एकजुट होने का संदेश दिया, और 15 मिनट वाली घड़ी दिखाई तो वहीं बड़े ओवैसी ने बड़ी मुश्किल से मामला शांत करवाया. क्योंकि पिछली बार जब अकबरुद्दीन ओवैसी ने 15 मिनट पुलिस हटाने वाली बात कही थी तो मानसिक तौर पर बीमार बताकर ओवैसी ने बड़ी मुश्किल से अपने छोटे भाई को कानूनी पचड़ों से फंसाया था, यही वजह है कि सूत्र बताते हैं बड़े ओवैसी ने अपने छोटे भाई को समझाया है कि वैसी गलती दोबारा मत दोहराना. यहां तक कि साल 2024 के चुनाव में जब अकबरुद्दीन महाराष्ट्र में प्रचार करने गए थे तो एक इंस्पेक्टर ने सीधे तौर पर हेकड़ी निकाल दी थी, आप भी वीडियो देखिए, कैसे इंस्पेक्टर ने टाइम का याद दिलाया तो अकबरुद्दीन गर्मी दिखाने लगे थे.

पर इस बार ये गर्मी नहीं चलने वाली, मोदी-योगी के पलटवार से दोनों भाइयों के होश उड़े हुए हैं, ऊपर से हिंदू शेरनी नवनीत राणा ने जो बयान दिया है कि मैं रानी लक्ष्मीबाई बनकर इनका मुकाबला करने को तैयार हूं, 15 सेकेंड में ही हकीकत पता चल जाएगी, वो साफ बता रहा है ओवैसी भाइयों को महाराष्ट्र में रैली की परमिशन तो मिल रही है, लेकिन इन्हें भाषण देकर उल्टे पांव भागना पड़ रहा है, क्या पता उस इंस्पेक्टर से सामना हो जाए, जिसने रैली रुकवाई थी, क्या पता वो अधिकारी सामने आ जाए, जिसने अकबरुद्दीन के खिलाफ भडड़काऊ बयान का मुककदमा लिखा था. इनकी मदद से जीत का ख्वाब देखने वाली पार्टियां भी इस बार टेंशन में हैं, क्योंकि ध्रुवीकरण की सियासत का योगी ने जो तोड़ निकाला है, उसने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया है. शायद यही वजह है कि ठाकरे परिवार ने भी अब मान लिया कि फडणवीस ही अगले मुख्यमंत्री होंगे. राज ठाकरे से जब एक इंटरव्यू में पूछा गया कि महाराष्ट्र का अगला सीएम आप किसे देखते हैं तो उन्होंने कहा फडणवीस.

यहां तक कि उद्धव ठाकरे से लेकर आदित्य ठाकरे तक भी अपनी सत्ता में वापसी की उम्मीद छोड़ चुके हैं, शरद पवार जैसे सियासत के भीष्मपितामह भी चुनाव से पहले सरेंडर के मूड में हैं, बीजेपी के साथ सत्ता में बैठे शरद के भतीजे अजीत पवार तो ये तक कहने लगे हैं कि महाराष्ट्र की जनता योगी आदित्यनाथ के बंटेंगे वाले बयान का समर्थन नहीं करेगी, और पीएम मोदी को बारामती में चुनाव प्रचार करने नहीं आना चाहिए, ये मैं उनसे अपील करता हूं. क्योंकि यहां लड़ाई पवार फैमिली के बीच की है.

दरअसल अजीत पवार यहां से अपने भतीजे युगेन्द्र पवार के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, और कभी वो कह रहे हैं कि ये इलाका हमारा है तो कभी छोटे ओवैसी कह रहे हैं औरंगाबाद हमारा था, हमारा है और हमारा ही रहेगा, लेकिन योगी ने औरंगाबाद से कई किलोमीटर दूर रैली में ऐसा बजरंगबाण छोड़ा कि ओवैसी ब्रदर्स ने वापस हैदराबाद लौटकर राहत की सांस ली, उन्हें समझ आ गया, ये वक्त दूसरा है, वो वक्त दूसरा था. 

Maharashtra Assembly Elections Navneet Rana Jhansi ki Rani

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