नई दिल्ली : देश के सबसे चर्चित NEET पेपर लीक मामले में जांच कर रही CBI ने बड़ा कदम उठाते हुए 13 आरोपियों के खिलाफ दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है. मामले की सुनवाई आज फास्ट ट्रैक कोर्ट में होने की संभावना है. चार्जशीट में शिक्षकों, कोचिंग संचालकों, प्रोफेसरों, डॉक्टरों, दलालों और एक MBBS छात्र समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं.
CBI के अनुसार आरोपियों में फिजिक्स टीचर मनीषा हवलदार, कोचिंग संचालक शिवराज रघुराज मोटेगांवकर, लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ, प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी, ब्यूटिशियन मनीषा वाघमारे, दलाल धनंजय लोखंडे, शुभम खैरनार, यश यादव और मांगीलाल बिंवाल, पॉलिटीशियन दिनेश बिंवाल, MBBS छात्र विकास बिंवाल, डॉक्टर मनोज शिरूरे तथा कोचिंग फैकल्टी हर्षद कुमार शाह शामिल हैं.
जांच एजेंसी का आरोप है कि इस संगठित नेटवर्क ने परीक्षा की गोपनीयता भंग करने और अभ्यर्थियों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. इसी कथित नेक्सस के कारण देशभर में NEET परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठे और बाद में परीक्षा दोबारा करानी पड़ी.
पेपर लीक विवाद को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के कई हिस्सों में छात्रों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए. विपक्ष ने भी सरकार पर तीखे सवाल उठाए. विवाद बढ़ने के बाद तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा, जबकि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं.
अब सभी की निगाहें राउज एवेन्यू कोर्ट की कार्यवाही पर टिकी हैं. यदि अदालत आरोप तय करती है, तो इस बहुचर्चित मामले में नियमित ट्रायल का रास्ता साफ होगा. CBI का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.