नई दिल्ली: संसद की कार्यवाही के दौरान बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के एक बयान को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान दुबे ने कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कुछ किताबों का हवाला देते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को लेकर विवादित टिप्पणी की, जिसके बाद विपक्षी सांसदों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया.
निशिकांत दुबे ने सदन में कहा कि कांग्रेस और गांधी परिवार से जुड़े इतिहास पर कई किताबों में सवाल उठाए गए हैं. इसी दौरान उन्होंने नेहरू और एडविना माउंटबेटन से जुड़े संदर्भों का उल्लेख करते हुए टिप्पणी की, जिस पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई. कांग्रेस सांसदों ने इसे देश के पहले प्रधानमंत्री और ऐतिहासिक व्यक्तित्व का अपमान बताया.
हंगामा बढ़ने पर सदन की कार्यवाही में कई बार व्यवधान आया। पीठासीन अधिकारी ने सांसदों से संयम बरतने और बहस को विषय तक सीमित रखने की अपील की. इसके बावजूद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक जारी रही. आखिरकार लोकसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी.
इस पूरे विवाद की शुरुआत उस राजनीतिक टकराव से भी जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें सत्तापक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर ऐतिहासिक घटनाओं और नेताओं को लेकर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं. बीजेपी की ओर से कहा गया कि विपक्ष को किताबों और तथ्यों पर बहस से बचना नहीं चाहिए, जबकि कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक निशानेबाजी के लिए सदन का इस्तेमाल कर रही है.
नेहरू को लेकर दिए गए इस बयान ने एक बार फिर इतिहास, राजनीति और संसद की मर्यादा को लेकर नई बहस छेड़ दी है. अब निगाहें इस बात पर हैं कि यह विवाद आगे संसद और राजनीतिक मंचों पर कितना बढ़ता है.