नई दिल्ली : नेपाल में भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बीच भारत ने राहत एवं बचाव प्रयासों को और तेज कर दिया है. विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बताया कि भारत से 11 टन राहत सामग्री लेकर चौथी उड़ान नेपाल के लिए रवाना हो चुकी है. भारत लगातार नेपाल तक जरूरी सामान पहुंचाने में जुटा है, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल राहत मिल सके.
डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि राहत सामग्री के साथ-साथ बाढ़ से प्रभावित इलाकों में कनेक्टिविटी बहाल करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि 230 फीट लंबे सिंगल-लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के निर्माण के लिए जरूरी सामान लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं. यह पुल उन इलाकों में आवाजाही बहाल करने में अहम भूमिका निभा सकता है, जहां बाढ़ के कारण सड़क और पुलों को नुकसान पहुंचा है.
भारत की ओर से सात और बेली ब्रिज लगाने के लिए भी जल्द आवश्यक सामग्री भेजी जाएगी. इन पुलों को स्थापित करने के लिए तकनीकी टीमों के भी जल्द नेपाल पहुंचने की उम्मीद है. इससे प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों की आवाजाही आसान बनाने में मदद मिलेगी.
विदेश मंत्री के मुताबिक, अब तक काठमांडू में कुल 68.5 टन राहत सामग्री हवाई जहाज के जरिए पहुंचाई जा चुकी है, इसमें जरूरी दवाइयां, पोर्टेबल जनरेटर सेट, खाने के पैकेट, पानी साफ करने वाली गोलियां और तकनीकी उपकरण शामिल हैं.
भारत की यह मदद ऐसे समय में पहुंच रही है, जब नेपाल बाढ़ के गंभीर संकट से जूझ रहा है. राहत सामग्री और तकनीकी सहायता के साथ भारत अब बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा करने में भी सहयोग कर रहा है, इससे आपदा प्रभावित इलाकों में राहत अभियान को गति मिलने की उम्मीद है.