नई दिल्ली: कुवैत ने पाकिस्तान के साथ रक्षा समझौता किया, उसके ठीक अगले दिन उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली पहुंच गया. भारत-कुवैत संयुक्त रक्षा समिति (JDC) की पहली बैठक हुई, जिसमें सैन्य प्रशिक्षण, संयुक्त युद्धाभ्यास, रक्षा उद्योग और अनुसंधान-विकास पर सहयोग बढ़ाने की सहमति बनी.
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह बैठक दिसंबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुवैत यात्रा के दौरान हुए रक्षा सहयोग समझौता ज्ञापन (MoU) को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. दोनों देशों ने नियमित युद्धाभ्यास की रूपरेखा तैयार की और रक्षा उपकरणों के सह-उत्पादन पर भी चर्चा की.
कुवैती प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ब्रिगेडियर जनरल राएद अलसक्रान ने किया. भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद ने किया. बैठक में तीनों सेनाओं, डीआरडीओ, रक्षा उत्पादन विभाग और विदेश मंत्रालय के अधिकारी शामिल रहे.
एक दिन पहले कुवैत ने पाकिस्तान के साथ ‘प्रोटोकॉल एग्रीमेंट-2026’ पर हस्ताक्षर किए थे. इसमें सैन्य प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और सीमा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग शामिल है. भारत-कुवैत संबंध 1962 से सौहार्दपूर्ण रहे हैं और कुवैत में बड़ा भारतीय समुदाय भी मौजूद है. यह घटनाक्रम खाड़ी क्षेत्र में बदलते रक्षा समीकरणों को दर्शाता है.