RSS Chief Mohan Bhagwat visits ISKCON Birthplace centre in New York: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने अपने अमेरिका दौरे के दौरान न्यूयॉर्क के इस्कॉन मंदिर का दौरा किया. यह वही जगह है जहां 1966 में स्वामी प्रभुपाद ने इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस (इस्कॉन) की नींव रखी थी. भागवत 26 सेकंड एवेन्यू स्थित इस ऐतिहासिक स्थान पर पहुंचे और बेघर लोगों के लिए भोजन वितरण अभियान में भी शामिल हुए.
इस्कॉन के गवर्निंग बॉडी कमिश्नर गौरंगा दास ने बताया कि आज इस्कॉन के 120 देशों में 1,300 मंदिर हैं. उन्होंने कहा कि स्वामी प्रभुपाद ने हिंदू सनातन धर्म को दुनिया के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाया. भागवत ने श्रील प्रभुपाद को माला अर्पित की और भक्ति सेंटर में जीरो हंगर न्यूयॉर्क पहल के तहत 1,00,000वें भोजन के वितरण का उद्घाटन किया.
भागवत ने इस मौके पर एक संदेश लिखा, जिसमें उन्होंने इस स्थान को प्रेरणादायक बताया और कृष्णा चेतना को दुनिया को मिला अमूल्य उपहार करार दिया. उन्होंने कहा कि यह एक प्रेरणादायक स्थान है जिसने वास्तव में श्री कृष्णा चेतना का अद्वितीय उपहार दुनिया को दिया. मैं विनम्र हूं और उस शुद्ध सात्विक प्रेम की भावना से ओतप्रोत हूं जो हर किसी और हर चीज में निवास करता है.
मंदिर में भक्तों को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि आज की दुनिया में कई संघर्ष और द्वंद्व हैं. एकमात्र चीज जो लोगों को जोड़ती है, वह है चेतना. ''वह चेतना कृष्णा चेतना है, हम एक हैं और इन द्वंद्वों के बीच भी यह मजबूत समझ रखते हैं कि तमाम विविधताओं, द्वंद्वों और संघर्षों के बावजूद वास्तव में सब कुछ कृष्ण ही है.''
इस्कॉन के कम्युनिकेशंस मिनिस्टर अनुत्तम दास ने भागवत के दौरे का स्वागत करते हुए कहा कि कुछ हफ्ते पहले हेमा मालिनी भी यहां आई थीं. दोनों के साथ गॉड कॉन्शसनेस और कृष्णा कॉन्शसनेस के मूल्यों को दुनिया में बढ़ावा देने पर चर्चा हुई.
भागवत का यह दौरा शनिवार को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करने से पहले हुआ. 'यूनिवर्सल ओनेस सेलिब्रेशन' आरएसएस शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों का हिस्सा है. आरएसएस प्रमुख मंगलवार को न्यूयॉर्क पहुंचे थे. यह उनका अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन का तीन-राष्ट्र आउटरीच दौरा है.