नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के बिहार इकाई अध्यक्ष महबूब आलम को 2022 के फुलवारीशरीफ आतंकी साजिश मामले में गिरफ्तार किया. कटिहार जिले के रहने वाले आलम को किशनगंज से पकड़ा गया. इस मामले में वह 19वें आरोपी हैं जिन्हें गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल की गई है. यह मामला शुरू में स्थानीय पुलिस ने 26 लोगों के खिलाफ दर्ज किया था.
मामले में पीएफआई के सहयोगियों पर अवैध और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है, जिनका मकसद विभिन्न धर्मों और समूहों के बीच धार्मिक दुश्मनी फैलाकर आतंक का माहौल बनाना था. यह गतिविधियां शांति और सौहार्द के लिए हानिकारक थीं और भारत के खिलाफ असंतोष पैदा करने के साथ-साथ आपराधिक बल प्रयोग को उचित ठहराने का इरादा रखती थीं.
एनआईए के अनुसार, पीएफआई सदस्यों ने संगठन के जब्त दस्तावेज "इंडिया 2047: टुवार्ड्स रूल ऑफ इस्लाम इन इंडिया, इंटरनल डॉक्यूमेंट: नॉट फॉर सर्कुलेशन" में उल्लिखित विचारधारा को बढ़ावा देकर लोगों में डर फैलाने की कोशिश की, जिसमें भारत में इस्लाम का शासन स्थापित करने की बात कही गई थी.
आरोपी महबूब आलम इस दस्तावेज में बताई गई पीएफआई की साजिश का हिस्सा थे, जिसे 11 जुलाई 2022 को पटना के फुलवारीशरीफ के अहमद पैलेस से जब्त किया गया था. एनआईए की जांच के अनुसार, वह सह-आरोपियों के साथ मिलकर भर्ती, प्रशिक्षण, बैठकों और पीएफआई की राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल था. उसने फंड जुटाए और उन्हें सह-आरोपियों और पीएफआई कार्यकर्ताओं को प्रदान किए.