उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के फुलत में स्थित मदरसा दारुल उलूम रहीमिया में चल रहे धर्मांतरण और कब्रिस्तान पर हुए अवैध कब्जे के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध कब्जा कर मदरसे का निर्माण करने और उसके अंदर कथित रूप से चल रहे गैरकानूनी धर्मांतरण के आरोपों के तहत मौलाना हिफजुर्रहमान और उनके बेटे मौलाना जुबैर अंसारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
यह मामला तब सामने आया जब बघरा योग साधना केंद्र के स्वामी यशवीर महाराज ने सोशल मीडिया के जरिए मदरसा दारुल उलूम रहीमिया में कथित रूप से चल रहे धर्मांतरण के बारे में जानकारी दी और जांच न होने पर मदरसे के घेराव की चेतावनी दी थी।
इसके बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए जांच-पड़ताल शुरू की और दस्तावेजों की जांच की। मौलाना हिफजुर्रहमान और उनके बेटे मौलाना जुबैर अंसारी के खिलाफ मोहम्मद यूनुस ने पुलिस को मदरसे के अवैध निर्माण और हिंदू लोगों के धर्मांतरण संबंधी लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने गैरकानूनी धर्मांतरण, जान से मारने की धमकी और अवैध कब्जे से संबंधित धाराओं के तहत मौलाना और उनके बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस की एक टीम का भी गठन किया गया है।
फुलत गांव को मदरसों का केंद्र माना जाता है। यहां बीते सालों में धर्मांतरण के कई मामले सामने आ चुके हैं। इस बार मौलाना हिफजुर्रहमान के मदरसे दारुल उलूम रहीमिया का मामला चर्चा में आया है।