नई दिल्ली : दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष एनआईए अदालत ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को बड़ी राहत दी है. अदालत ने सातों विदेशी नागरिकों को अपने-अपने देश लौटकर परिवार से मिलने के लिए एक महीने की अनुमति दी है. आदेश के बाद मैथ्यू वैनडाइक को गुरुवार रात तिहाड़ जेल से बाहर निकलते देखा गया.
इन सातों को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने मार्च 2026 में गिरफ्तार किया था. एजेंसी ने आरोप लगाया था कि ये लोग म्यांमार में जातीय सशस्त्र समूहों को ड्रोन युद्धकला की ट्रेनिंग देने की साजिश से जुड़े थे. एनआईए के मुताबिक, यूरोप से ड्रोन की कई खेप मिजोरम के जरिए संबंधित लोगों और समूहों तक पहुंचाई गई थीं. हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है.
मामले में अहम मोड़ तब आया जब एनआईए की चार्जशीट में फिलहाल यूएपीए की धाराएं नहीं लगाई गईं. चार्जशीट में इमग्रेशन एंड फोनेरर्स एक्ट 2025 की धाराओं 21 और 23 के तहत आरोप लगाए गए थे. अदालत ने बाद में मैथ्यू वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को डिफॉल्ट बेल भी दी.
गुरुवार को विशेष एनआईए जज प्रशांत शर्मा ने सातों को विदेश जाने की अनुमति देते हुए उनके पासपोर्ट रिलीज करने का आदेश दिया. अदालत ने कहा कि विदेश यात्रा का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकारों का विस्तार है, हालांकि इसे शर्तों के साथ अनुमति दी जा सकती है.
सातों ने छह सप्ताह के लिए अपने देश जाने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने सिर्फ एक महीने की अनुमति दी. यह अवधि उस दिन से शुरू होगी, जिस दिन संबंधित आरोपी अपनी फ्लाइट में सवार होगा. साथ ही उन्हें जांच में जरूरत पड़ने एनआईए के सामने पेश होने की शर्त भी लागू रहेगी.