चेन्नई: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में आयोजित एक विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का सादगी भरा अंदाज चर्चा का विषय बन गया है। डॉ. एमजीआर एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (MGRERI) के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं वित्त मंत्री ने अपने स्वागत में चलाई जा रही एक विशेष वीडियो क्लिप को बीच में ही रुकवा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मंच और कार्यक्रम का पूरा केंद्र बिंदु डिग्री हासिल करने वाले युवा छात्र होने चाहिए, न कि कोई राजनेता।
समारोह के दौरान मंच पर लगी विशाल स्क्रीन पर संस्थान के प्रबंधकों ने वित्त मंत्री के सम्मान में उनके तमिलनाडु से लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व तक के राजनीतिक सफर को दर्शाने वाला एक ऑडियो-विजुअल चलाना शुरू किया था। वीडियो शुरू होते ही निर्मला सीतारमण असहज दिखीं। उन्होंने पहले मंच पर मौजूद संस्थान के संस्थापक चांसलर डॉ. एसी शनमुगम से वीडियो रोकने का अनुरोध किया। जब स्क्रीन पर वीडियो चलता रहा, तो उन्होंने सीधे तकनीकी क्रू की ओर इशारा करते हुए दो टूक कहा, "रुको, रुको। इन सब की कोई जरूरत नहीं है। इसे मत चलाओ।"
वित्त मंत्री के इस त्वरित हस्तक्षेप के बाद वीडियो तुरंत बंद कर दिया गया और पूरे ऑडिटोरियम में मौजूद छात्रों व अभिभावकों ने तालियां बजाकर इस कदम का स्वागत किया। इस दीक्षांत समारोह में 3,500 से अधिक छात्र-छात्राएं अपनी डिग्रियां प्राप्त करने पहुंचे थे। वित्त मंत्री का मानना था कि दीक्षांत समारोह का दिन पूरी तरह से उन छात्रों की वर्षों की मेहनत और उनके परिवारों के सपनों को समर्पित होना चाहिए, इसलिए किसी भी व्यक्ति विशेष का महिमामंडन करके युवाओं से ध्यान नहीं भटकाया जाना चाहिए।
अपने संबोधन में केंद्रीय वित्त मंत्री ने भारत की मजबूत होती आर्थिक स्थिति और वैश्विक स्तर पर देश की बढ़ती साख पर बात रखी। साथ ही, उन्होंने Gen Z और Gen Alpha पीढ़ी के युवाओं का आह्वान किया कि वे नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालें और भविष्य के कर्णधार के तौर पर हमेशा 'राष्ट्र प्रथम' की भावना को आगे रखें।