नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने बिहार के वरिष्ठ नेता और मंत्री नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है. वे नीतीश कुमार सरकार में सड़क निर्माण विभाग संभाल रहे हैं और हाल की बिहार विधानसभा में बैंकिपुर सीट से लगातार पांचवीं बार जीत हासिल की. नबीन की राजनीतिक यात्रा उनके पिता दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा से जुड़ी है, जो खुद भाजपा के प्रमुख नेता और विधायक थे.
पिता के निधन के बाद नबीन ने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और पटना की इस शहरी सीट पर मजबूत पकड़ बनाई. करीब 45 वर्षीय नबीन कायस्थ समुदाय से आते हैं, जिसकी बिहार में आबादी कम होने के बावजूद भाजपा की केंद्र सरकारों में अहम भूमिका रही है.
मार्च 2017 में तब बैंकिपुर विधायक नबीन ने नीतीश सरकार में कांग्रेस के मंत्री अब्दुल जलील मस्तान के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कराया था. मस्तान ने नोटबंदी विरोधी रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर पर जूते मारने की अपील की थी, जिसे नबीन ने सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने वाला बताया.
2025 विधानसभा चुनाव के हलफनामे में नबीन ने खुद को 12वीं पास बताया है. उनकी कुल संपत्ति लगभग तीन करोड़ रुपये है, जबकि उन पर पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं. 2010 से 2015 के बीच उनकी संपत्ति में तेज वृद्धि हुई थी.
नबीन विधानसभा में कई वरिष्ठ सदस्यों को 'चाचा' कहकर संबोधित करते हैं, जो उनके पारिवारिक और मिलनसार स्वभाव को दर्शाता है. एक बार सदानंद सिंह से बातचीत के दौरान उन्होंने पत्रकारों से कहा था कि यह चाचा-भतीजे की बात है, न कि विरोधी दलों की. उनके कार्यकाल में बिहार में पुल गिरने की कई घटनाएं हुईं, फिर भी पार्टी ने उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है.