पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (nitish kumar) ने शनिवार को भोजपुर जिले के तरारी विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी रैली के दौरान बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया था.
नीतीश ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने दो बार गलत निर्णय लिया जब उन्होंने एनडीए छोड़कर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का साथ लिया था. लेकिन अब वह इस फैसले पर पछता रहे हैं और भविष्य में कभी एनडीए का साथ नहीं छोड़ेंगे.
नीतीश कुमार ने यह बयान बीजेपी उम्मीदवार विशाल प्रशांत के समर्थन में उपचुनाव प्रचार करते हुए दिया. उन्होंने अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी के शासनकाल को 'जंगलराज' करार दिया.मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आरजेडी केवल मुस्लिमों का वोट लेती थी, लेकिन अल्पसंख्यकों के लिए कोई ठोस काम नहीं किया. उन्होंने कहा, "हम सबके लिए काम करते हैं, हर वर्ग का विकास करते हैं."
नीतीश कुमार ने कहा, "मैंने दो बार गलत निर्णय लिया, जब मैंने एनडीए छोड़कर आरजेडी का साथ लिया. लेकिन मुझे जब यह समझ में आया कि वे लोग गड़बड़ करते हैं, तो मैंने वापस बीजेपी के साथ आकर सही कदम उठाया. अब मैं एक बार फिर स्पष्ट करता हूं कि मैं कभी एनडीए छोड़कर नहीं जाऊंगा और दाएं-बाएं नहीं करूंगा."
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में अब विकास की प्रक्रिया तेज हो चुकी है और राज्य में बेहतर स्थिति देखने को मिल रही है. नीतीश ने बिहार की जनता से अपील की कि वे एनडीए को जीत दिलाने के लिए विशाल प्रशांत को वोट दें और राज्य की विकास यात्रा को और आगे बढ़ाएं.
सीएम नीतीश ने अपनी रैली में यह भी कहा कि भाजपा और एनडीए के नेतृत्व में बिहार में सामाजिक और आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित की जाएगी.