नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है. इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी. इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल के साथ 48 घंटे के भीतर दूसरी बार मुलाकात की. यह बैठक पीएम के आवास पर 40 मिनट तक चली. सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के विकल्पों पर गहन चर्चा हुई. गृह मंत्रालय ने राज्यों को 7 मई को देशभर में 244 स्थानों पर सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्देश दिया है, जिसमें हवाई हमले के सायरन, निकासी योजनाओं का रिहर्सल और आपातकालीन तैयारियों का परीक्षण होगा. यह कदम 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद पहली बार उठाया गया है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है.
मोदी-डोभाल की लगातार बैठकें
पहलगाम हमले के बाद से पीएम मोदी ने कई उच्च स्तरीय बैठकें की हैं. 5 मई को डोभाल और गृह सचिव गोविंद मोहन ने पीएम के कार्यालय में सुरक्षा समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया था. 6 मई को डोभाल ने फिर से पीएम से मुलाकात की, जिसमें रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह भी शामिल थे. इन बैठकों में पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के खिलाफ सैन्य और कूटनीतिक कार्रवाई के विकल्पों पर विचार किया गया. पीएम ने सशस्त्र बलों को हमले का जवाब देने के लिए “पूर्ण ऑपरेशनल स्वतंत्रता” दी है, जिसमें तरीका, लक्ष्य और समय चुनने की छूट शामिल है.
7 मई को मॉक ड्रिल
गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 7 मई को सिविल डिफेंस ड्रिल्स आयोजित करने का निर्देश दिया है. इन ड्रिल्स में हवाई हमले के सायरन बजाए जाएंगे, निकासी योजनाओं का अभ्यास होगा, और भारतीय वायु सेना के साथ रेडियो और हॉटलाइन संपर्क का परीक्षण किया जाएगा. 244 सिविल डिफेंस जिलों में होने वाली इन ड्रिल्स का उद्देश्य नागरिकों और छात्रों को शत्रु हमले की स्थिति में सुरक्षित रहने की ट्रेनिंग देना है. गृह मंत्रालय ने कहा, “वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य में नए और जटिल खतरे उभरे हैं, इसलिए सिविल डिफेंस की सर्वोत्तम तैयारियां जरूरी हैं.” पंजाब के फिरोजपुर में 5 मई को 30 मिनट का ब्लैकआउट ड्रिल किया गया, जिसमें कैंटोनमेंट क्षेत्र में बिजली काटी गई.
पहलगाम हमले के बाद कार्रवाई
पहलगाम हमले को लश्कर-ए-तैयबा की शाखा द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने अंजाम दिया था. भारत ने इसके लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया और जवाब में 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया. पाकिस्तान ने 1972 के शिमला समझौते को निलंबित करने और भारतीय उड़ानों के लिए हवाई क्षेत्र बंद करने की घोषणा की. पिछले 11 रातों से पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर बिना उकसावे के गोलीबारी की, जिसका भारतीय सेना ने जवाब दिया. पाकिस्तानी हैकर्स ने भारतीय रक्षा वेबसाइट्स पर साइबर हमले भी किए, जिन्हें सेना ने नाकाम कर दिया.
रूस, अमेरिका, फ्रांस, जापान और यूरोपीय संघ ने की की निंदा
पहलगाम हमले की निंदा रूस, अमेरिका, फ्रांस, जापान और यूरोपीय संघ ने की है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 5 मई को पीएम मोदी से फोन पर बात कर आतंकवाद के खिलाफ भारत को समर्थन देने का वादा किया. भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों को उजागर करने की योजना बनाई है. विपक्षी नेता राहुल गांधी ने भी सरकार को समर्थन देते हुए कहा कि हमले के दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए.
यह भी पढ़ें: भारत-पाक तनाव के बीच देशभर में 54 साल बाद होने जा रही मॉक ड्रिल, गृह मंत्रालय का राज्यों को बड़ा निर्देश
यह भी पढ़ें: पाकिस्तान के खिलाफ रूस देगा भारत का साथ, पुतिन के इस ऐलान से पाक के उड़े होश!
यह भी पढ़ें: ''भारत से लड़ोगे तो बर्बाद हो जाओगे...'' मूडीज ने पाकिस्तान को दी चेतावनी