नागपुर: भाजपा शासित नागपुर नगर निगम (NMC) की गुरुवार को हुई आमसभा में ‘वंदे मातरम्’ के सिर्फ दो अंतरे गाए गए. यह घटना इसलिए चर्चा में है क्योंकि हाल ही में भाजपा कांग्रेस नेताओं पर राष्ट्रगीत के केवल दो अंतरे गाने को लेकर सवाल उठा रही है. केंद्र के निर्देशों के बावजूद NMC में पूरा गीत नहीं गाए जाने पर प्रशासनिक स्तर पर सवाल खड़े हो गए हैं.
NMC की आमसभा की बैठक सादर स्थित नियोजन भवन में हुई. परंपरा के मुताबिक सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ‘वंदे मातरम्’ गाया जाता है. रिपोर्ट के अनुसार, नगर निकाय में अब तक सिर्फ दो अंतरे ही गाए जाते रहे हैं. बैठक में भाजपा के किसी भी सदस्य ने दो अंतरे गाए जाने पर आपत्ति नहीं जताई या ध्यान नहीं दिया. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सरकारी और आधिकारिक कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह अंतरे गाए जाने का निर्देश दिया है. पूरा राष्ट्रगीत गाने में करीब 3 मिनट 10 सेकंड लगते हैं.
नगर निगम सचिव रंजना लाडे ने पहले कहा कि बैठक में पूरा गीत गाया गया था. जब उन्हें बताया गया कि केवल दो अंतरे ही बजाए गए थे, तो उन्होंने कहा कि उन्हें पता नहीं है. वह जांच करेंगी कि रिकॉर्डिंग कैसेट में कोई खराबी तो नहीं थी और बाद में इसकी जानकारी देंगी. इस घटना ने भाजपा के राजनीतिक रुख और उसके नियंत्रण वाले निकाय में उस रुख के अमल के बीच अंतर को सामने ला दिया है.
प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है कि केंद्र के निर्देशों के बावजूद ‘वंदे मातरम्’ के पूरे गायन की व्यवस्था क्यों नहीं की गई. गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 11 अगस्त 2026 को National Honour Insult Prevention Act, 2026 को मंजूरी दी थी, जिसके तहत ‘वंदे मातरम्’ को कानूनी संरक्षण दिया गया है.