नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में दिल्ली पुलिस ने बड़े पैमाने पर हिरासत में लेने की कार्रवाई की. आम आदमी पार्टी की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी, सीपीएम नेता वृंदा कारत समेत 700 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं और मतदाता सूची से नाम काटे गए. वे ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव आयोग में सुधार की मांग कर रहे थे.
गांधी जयंती के दिन हुए इस प्रदर्शन में एएपी, एआईएसए, एसएफआई, डीवाईएफआई और अन्य छात्र संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए. पुलिस ने पहले से ही प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था और धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए थे. इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों के जंतर-मंतर पहुंचने पर उन्हें रोक लिया गया.
आतिशी को पुलिस बस में ले जाते हुए देखा गया. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही थीं और लड़ाई जारी रहेगी. एएपी नेताओं सौरभ भारद्वाज, संजय सिंह, संजीव झा के अलावा योगेंद्र यादव, नेहा बोरा (एआईएसए) और अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिया गया. कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई.
विपक्षी दलों ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया. पुलिस का कहना है कि अनुमति न होने के कारण कार्रवाई की गई. मुंबई में भी सीजेपी द्वारा इसी मुद्दे पर प्रदर्शन किया जा रहा है.