नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को हुए भीषण आतंकी हमले, जिसमें 26 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे, के बाद पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर अपनी ओर हाई अलर्ट घोषित कर दिया. खुफिया सूत्रों ने इंडिया टुडे टीवी को बताया कि यह कदम भारत की संभावित जवाबी कार्रवाई के डर से उठाया गया है. भारत ने पहले भी 2016 में उरी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 में पुलवामा हमले के बाद बालाकोट हवाई हमले जैसे कदम उठाए थे. इस हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी बुधवार को कहा कि आने वाले दिनों में ''उचित जवाब'' दिया जाएगा.
यह हमला पहलगाम के बैसारन मीडो में हुआ, जिसे 'मिनी स्विट्जरलैंड' के नाम से भी जाना जाता है. इस हमले में 5-6 आतंकियों ने सैन्य वर्दी में घने जंगलों से निकलकर पर्यटकों पर AK-47 राइफलों से अंधाधुंध गोलीबारी की. यह जम्मू-कश्मीर में हाल के वर्षों में सबसे घातक हमलों में से एक है. खुफिया जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में एलओसी के पास 42 आतंकी ठिकाने सक्रिय हैं. इन ठिकानों पर 110-130 आतंकी मौजूद हैं, जिनमें से 70-75 कश्मीर घाटी में और 60-65 जम्मू, राजौरी और पुंछ में सक्रिय हैं. इनमें से करीब 115 पाकिस्तानी आतंकी हैं.
इस साल पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर में तीन बार युद्धविराम का उल्लंघन किया है. इस दौरान सुरक्षा बलों ने पांच आतंकियों को मार गिराया. इसके अलावा, एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे 17 आतंकियों को मार गिराया गया, जबकि 26 आतंकी भीतरी इलाकों में मुठभेड़ों में मारे गए.
पाकिस्तानी सेना प्रमुख का भड़काऊ बयान
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने पिछले हफ्ते कश्मीर मुद्दे को उठाते हुए भड़काऊ बयान दिया था. उन्होंने कहा, ''हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है. कश्मीर हमारी जुगुलर वेन (जीवन रेखा) था और रहेगा. हम इसे नहीं भूलेंगे. हम अपने कश्मीरी भाइयों को उनके संघर्ष में अकेला नहीं छोड़ेंगे.'' यह बयान उन्होंने ओवरसीज पाकिस्तानियों के एक सम्मेलन में दिया था. भारत ने इस बयान की कड़ी आलोचना की.
पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान ने चेहरा बचाने की कोशिश करते हुए बयान जारी किया. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ''हम अनंतनाग जिले में हुए हमले में पर्यटकों की मौत से चिंतित हैं. हम मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करते हैं.''
भारत की संभावित प्रतिक्रिया
पहलगाम हमला भारत के लिए एक गंभीर चुनौती है. इस हमले ने 2021 के एलओसी युद्धविराम समझौते को खतरे में डाल दिया है. भारत की पिछली कार्रवाइयों, जैसे उरी और बालाकोट, से प्रेरित होकर पाकिस्तान अपनी सीमाओं पर सतर्क हो गया है. खबरों के मुताबिक, पाकिस्तानी वायुसेना ने सीमा के पास अपने विमानों को तैयार रखा है और निगरानी बढ़ा दी है.
भारत के पास कई जवाबी विकल्प हैं. सैन्य स्तर पर सर्जिकल स्ट्राइक या हवाई हमले हो सकते हैं. इसके अलावा, कूटनीतिक दबाव बढ़ाने के लिए भारत संयुक्त राष्ट्र और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) जैसे मंचों पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की कोशिश कर सकता है. नई तकनीकों, जैसे साइबर हमले या ड्रोन आधारित निगरानी, का भी इस्तेमाल हो सकता है.
यह हमला न केवल भारत की सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यह कश्मीर के पर्यटन उद्योग और वहाँ की शांति के लिए भी बड़ा झटका है. सरकार ने पीड़ितों के परिवारों की मदद और घायलों के इलाज के लिए तत्काल कदम उठाए हैं. साथ ही, आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई का संकल्प दोहराया गया है.