नई दिल्ली : पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शुक्रवार को एक मस्जिद में हुए भीषण आत्मघाती हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस कंपाउंड के भीतर स्थित मस्जिद को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 80 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है. मृतकों में कई पुलिसकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक, हमलावर विस्फोटकों से भरी कार लेकर पुलिस परिसर के अंदर पहुंचा. उस समय अधिकारी और उनके परिवार के सदस्य कंपाउंड के भीतर बनी मस्जिद में नमाज पढ़ रहे थे. हमलावर की कार मस्जिद के प्रवेश द्वार की दीवार से टकराई और इसके तुरंत बाद जोरदार धमाका हुआ. विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मस्जिद का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और पूरा इलाका मलबे से भर गया.
अधिकारियों के मुताबिक, आत्मघाती हमलावर के अलावा तीन से पांच हथियारबंद लोगों ने भी परिसर में घुसने की कोशिश की. सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने के लिए गोलीबारी की. चश्मदीदों के अनुसार, हमले के दौरान कई राउंड फायरिंग भी हुई.
धमाके के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई. मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान चलाया गया. बड़ी संख्या में घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें कई पुलिसकर्मियों की हालत गंभीर बताई गई है. अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.
हमले की जिम्मेदारी को लेकर शुरुआती तौर पर किसी संगठन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी. बाद में ‘इंकलाबी इस्लामी पाकिस्तान’ (IMP) से जुड़े एक टेलीग्राम अकाउंट ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया. संगठन ने इसे अपने ‘अल-बद्र’ आत्मघाती दस्ते की कार्रवाई बताया. हालांकि, इस दावे की पुष्टि अभी नहीं हुई है.