नई दिल्ली: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को बढ़ावा देने और हरित परिवहन (Green Mobility) को प्रोत्साहन देने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने PM E-Drive (प्रधानमंत्री इलेक्ट्रिक ड्राइव) योजना के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स (E2W) पर दी जाने वाली वित्तीय सब्सिडी को वित्त वर्ष 2027-28 (FY28) तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। सरकार के इस कदम से देश में इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को बड़ी राहत मिलेगी।
भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा संचालित PM E-Drive योजना का मुख्य उद्देश्य देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को गति देना और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है।
सब्सिडी की समय सीमा का विस्तार: पहले से निर्धारित समय-सीमा को बढ़ाते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की खरीद पर मिलने वाली वित्तीय सहायता अब वित्त वर्ष 2027-28 तक लागू रहेगी।
सस्ते होंगे इलेक्ट्रिक स्कूटर: सब्सिडी की अवधि बढ़ने से ईवी निर्माताओं (EV OEMs) को अपनी कीमतों को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में मदद मिलेगी, जिससे सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ कम होगा।
योजना के तहत केवल वाहनों की खरीद पर छूट ही नहीं दी जा रही, बल्कि देश भर में इलेक्ट्रिक व्हीकल इकोसिस्टम को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क का विस्तार: योजना के तहत देश के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेसवे और बड़े शहरों में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए बजटीय सहायता दी जा रही है।
लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा: सरकार का उद्देश्य फेस्ड मैन्युफैक्चरिंग प्रोग्राम (PMP) के माध्यम से भारत में ही बैटरी पैक, मोटर और अन्य महत्वपूर्ण घटकों के निर्माण को प्रोत्साहन देना है, ताकि विदेशों पर निर्भरता कम हो सके।
विमानन और ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से ओला इलेक्ट्रिक, एथर एनर्जी, टीवीएस और बजाज जैसी प्रमुख इलेक्ट्रिक दोपहिया कंपनियों की बिक्री को नया बल मिलेगा। साथ ही, पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बीच लोग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख करेंगे, जिससे कार्बन उत्सर्जन घटाने के राष्ट्रीय लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी।