नई दिल्ली: 31 दिन बाद यानि 17 सितंबर को मोदी 75 साल के हो जाएंगे, तो क्या इस दिन पीएम की कुर्सी छोड़ देंगे? कई बड़े नेता पहले ही कह चुके हैं मोदी पर ये नियम नहीं लागू होता, लेकिन मोदी का उत्तराधिकारी क्या योगी होंगे? ये बात हर कोई जानना चाहता है. बीते तीन दिनों में 3 ऐसी तस्वीरें आई, जिसने ये इशारा दे दिया है कि मोदी के उत्तराधिकारी योगी ही होंगे?

ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संसदीय दल की बैठक की तस्वीर है, जो संसद भवन में 5 अगस्त को आयोजित हुई. इस बैठक में राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी का हार पहनाकर स्वागत किया. ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव की सफलता पर मोदी को बधाई दी गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा विपक्ष ने इस मुद्दे पर चर्चा कराके खुद की फजीहत करा ली.
सूत्र कहते हैं इस बैठक में हर सांसद को विपक्ष के एजेंडे की पोल खोलने की भी जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन योगी इस काम में पहले से ही लगे हैं, और वो लगातार रैलियों में न सिर्फ ऑपरेशन और पाकिस्तान का जिक्र कर रहे हैं, बल्कि पीएम मोदी तो ये भी कहते हैं पाकिस्तान ने ऐसी हरकत कभी करने की भी सोची तो यूपी में बनी ब्रह्मोस मिसाइल उसे तबाह कर देगी.
इतना ही नहीं काशी के मंच से ही पीएम मोदी देशवासियों से स्वदेशी अपनाने की अपील करते हैं, और यही अपील 5 अगस्त को अलीगढ़ के मंच से योगी आदित्यनाथ भी करते हैं. योगी तो ये कहते हैं कि हमारे देश का पैसा, विदेशों में जाकर गलत चीजों में इस्तेमाल हो ये नहीं होना चाहिए. तो सवाल है योगी और मोदी की जुगलबंदी क्या कहती है.
क्या स्वदेशी को बढ़ावा देने के जरिए भारत ने ट्रंप को जवाब देने की नई रणनीति चुनी है. जो अमेरिका दुनियाभर में हथियार बेचकर कमा रहा है, वो क्या डिफेंस सेक्टर में भारत की बढ़ती ताकत और ब्रह्मोस मिसाइल की दुनियाभर में बढ़ती डिमांड देख भारत पर दबाव बनाने की कोशिश में है, या फिर ट्रंप पुतिन के साथ कोई डील चाहते हैं, इसके लिए मोदी पर दबाव बनाने की कोशिश में जुटे हैं.
कई लोग ये सवाल भी पूछ रहे हैं कि मोदी ने संसद में ट्रंप का नाम क्यों नहीं लिया, राहुल तो पूछते हैं क्या मोदी ट्रंप से डरते हैं तो राहुल गांधी हों या अखिलेश यादव उन्हें ये बात बेहतर समझनी होगी कि गुजरात से आने वाले गांधी ने जैसे स्वदेशी का नारा देकर अंग्रेजों की कमर तोड़ दी थी, कुछ वैसा ही नरेन्द्र मोदी भी आने वाले दिनों में कर सकते हैं, क्योंकि भारत दुनिया के लिए एक बड़ा बाजार है, यहां जितना निर्माण होगा, दुनिया के विकसित देशों का सामान उतना ही यहां कम बिकेगा, जो उनकी अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका होगा.
ये उन लोगों के लिए जवाब है, जिन्हें लगता है टैरिफ लगाकर हम भारत की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर देंगे, जिन्हें लगता है दबाव बनाकर वो भारत से अपनी बात मनवा लेंगे, अब मोदी के साथ ही योगी ने स्वदेशी वाला मोर्चा संभाल लिया है तो आप भी तैयार हो जाइए, स्वदेशी उत्पाद को बढ़ावा दीजिए, नेताजी वोट मांगने आएं तो उन्हें भी कहिए स्वदेशी पर जोर दें, ताकि गांव-गांव तक रोजगार पहुंचे और स्वदेशी उत्पाद की दुनिया तक में पहुंच बने.