नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से पश्चिम बंगाल और असम के दो दिवसीय प्रवास पर रवाना हो रहे हैं. यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब दोनों राज्यों में 2026 के विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज है. भाजपा असम में अपनी सरकार को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है, वहीं बंगाल में लंबे समय से सत्ता संभाल रही ममता बनर्जी की टीएमसी को सत्ता से बाहर करने की कोशिशों में जुटी है. मोदी के इस दौरे से पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर टीएमसी सरकार की आलोचना की है.
एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट में मोदी ने कहा कि केंद्र की योजनाओं से बंगाल के लोगों को लाभ मिल रहा है, लेकिन टीएमसी के खराब प्रशासन से वे त्रस्त हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी की लूट, धमकी और भय का माहौल चरम पर पहुंच गया है, ऐसे में भाजपा ही जनता की आखिरी आशा बनी हुई है.
पिछले छह महीनों में यह मोदी का बंगाल का पांचवां दौरा है. मई में उन्होंने अलीपुरद्वार में सभा की थी. जुलाई में दुर्गापुर में 5,000 करोड़ के विकास कार्यों का शुभारंभ किया. अगस्त में कोलकाता मेट्रो का लोकार्पण किया. सितंबर में कोलकाता के सशस्त्र बल सम्मेलन में हिस्सा लिया. आज वे राणाघाट में पहुंचेंगे, जहां 3,200 करोड़ के परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे, साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के बराजागुली-कृष्णनगर खंड के 66.7 किमी चार-लेन वाले हिस्से का लोकार्पण होगा. इसके बाद वे एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगे. शाम को असम पहुंचकर गुवाहाटी में 15,600 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करेंगे, जिसमें गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की नई टर्मिनल इमारत शामिल है.
बंगाल में चल रही विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस गरमाई हुई है. मोदी अपनी सभा में इस पर कोई महत्वपूर्ण टिप्पणी कर सकते हैं, जैसा कि वे पहले घुसपैठ जैसे मुद्दों पर बोल चुके हैं. साथ ही, बांग्लादेश में जारी हिंसा और वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर भी वे कोई बड़ा ऐलान या बयान दे सकते हैं, जो क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए अहम होगा.