नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर सोमवार को गुजरात के जूनागढ़ जिले में गिर वन्यजीव अभयारण्य में सफारी का आनंद उठाया. गुजरात दौरे पर आए प्रधानमंत्री मोदी ने अपने साथ कुछ मंत्रियों और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जंगल का दौरा किया. सोमनाथ से आने के बाद मोदी ने सासन में राज्य वन विभाग द्वारा प्रबंधित वन गेस्ट हाउस सिंह सदन में रात्रि विश्राम किया, जहां उन्होंने रविवार शाम को 12 ज्योतिर्लिंगों में से प्रथम भगवान शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की.

गिर वन्यजीव अभयारण्य के मुख्यालय सासन गिर में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की सातवीं बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे. बैठक के बाद मोदी सासन में कुछ महिला वन कर्मचारियों से भी बातचीत करेंगे. एनबीडब्ल्यूएल में 47 सदस्य हैं, जिनमें सेना प्रमुख, विभिन्न राज्यों के सदस्य, इस क्षेत्र में काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि, मुख्य वन्यजीव वार्डन और विभिन्न राज्यों के सचिव शामिल हैं.

पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा "आज सुबह, विश्व वन्यजीव दिवस पर, मैं गिर में सफारी पर गया, जो, जैसा कि हम सभी जानते हैं, राजसी एशियाई शेरों का घर है. गिर आकर मुझे गुजरात के सीएम के रूप में मेरे कार्यकाल के दौरान किए गए सामूहिक कार्यों की कई यादें भी ताजा हो गईं. पिछले कई वर्षों में, सामूहिक प्रयासों ने यह सुनिश्चित किया है कि एशियाई शेरों की आबादी लगातार बढ़ रही है. एशियाई शेरों के आवास को संरक्षित करने में आदिवासी समुदायों और आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं की भूमिका भी उतनी ही सराहनीय है."

प्रधानमंत्री ने सफारी के दौरान क्लिक की गई तस्वीरें भी साझा कीं. पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा ''गिर में शेर और शेरनी! आज सुबह मैंने कुछ फोटोग्राफी करने की कोशिश की." बता दें कि प्रोजेक्ट लायन 15 अगस्त, 2020 को केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक पहल है, जिसका उद्देश्य गुजरात में एशियाई शेरों की आबादी का संरक्षण और विस्तार करना है. 10 साल की योजना और 2,927.71 करोड़ रुपए के बजट के साथ, यह परियोजना विभिन्न रणनीतियों पर केंद्रित है, जिसमें आवास और जनसंख्या प्रबंधन, वन्यजीव स्वास्थ्य, मानव-वन्यजीव संघर्ष शमन, सामुदायिक भागीदारी, पर्यटन विकास, वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रशिक्षण, पर्यावरण-विकास और जैव विविधता संरक्षण शामिल हैं.
