नई दिल्ली: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार शाम विशेष विमान से दिल्ली पहुंचे. पालम टेक्निकल एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद उन्हें रिसीव करने पहुंचे. दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गर्मजोशी से गले लगाया और हाथ मिलाकर अभिवादन किया. यह नजारा देखकर वहां मौजूद लोग भी मुस्कुराए बिना नहीं रह सके.
रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पुतिन का पहला भारत दौरा है. आखिरी बार वे दिसंबर 2021 में आए थे. यानी पूरे चार वर्ष बाद रूसी राष्ट्रपति ने फिर से भारतीय सरजमीं पर कदम रखा है. आज रात PM मोदी हैदराबाद हाउस में पुतिन के लिए निजी डिनर होस्ट करेंगे. इस खास डिनर में दोनों नेता अकेले में कई घंटे बिताएंगे और रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, निवेश जैसे अहम मुद्दों पर खुलकर बात करेंगे.
इस छोटी लेकिन महत्वपूर्ण यात्रा में कई बड़े समझौते होने की संभावना है. S-400 मिसाइल सिस्टम की बाकी यूनिट्स की जल्द डिलीवरी होगी. रुपया-रूबल भुगतान व्यवस्था को और मजबूत करना संभव हो सकता है. परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष सहयोग के नए प्रोजेक्ट पर हस्ताक्षर हो सकते हैं.
यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि इस साल भारत-रूस की “विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” के 25 साल पूरे हो रहे हैं. इस मजबूत रिश्ते की शुरुआत साल 2000 में अटल बिहारी वाजपेयी और व्लादिमीर पुतिन ने मिलकर की थी. वैश्विक तनाव के इस दौर में दोनों पुराने दोस्तों की यह मुलाकात दुनिया को साफ संदेश देगी कि भारत-रूस की दोस्ती आज भी पहले की तरह अटूट और भरोसेमंद है.