नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करने वाले हैं. यह संबोधन ऐसे वक्त में हो रहा है जब संसद में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक समेत तीन महत्वपूर्ण बिल लोकसभा में पास नहीं हो पाए और राजनीतिक विवाद काफी बढ़ गया है. सरकार की ओर से अभी तक इस संबोधन का आधिकारिक विषय नहीं बताया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पीएम मोदी महिला आरक्षण बिल और इससे जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर अपनी बात रखेंगे.
शनिवार को संसद भवन में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण बिल के नहीं पास होने पर अपनी गहरी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को इस फैसले पर जीवन भर पछतावा होगा और उन्हें इसकी भारी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी. पीएम मोदी ने यह भी टिप्पणी की कि विपक्ष अब अपनी इस नाकामी को छिपाने के लिए तरह-तरह के बहाने बना रहा है.
बता दें कि लोकसभा में तीन बिल- संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश संशोधन विधेयक जरूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर पाए और गिर गए. संवैधानिक संशोधन के लिए विशेष बहुमत की जरूरत होती है, जो इस बार सरकार को नहीं मिल सका. यह 2014 से लगातार सत्ता में रह रही भाजपा सरकार के लिए पहला ऐसा मौका है जब उसका कोई बड़ा संवैधानिक संशोधन बिल संसद में पास नहीं हो सका. संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने इसे एक अहम सुधार पर सहमति बनाने का "खोया हुआ अवसर" बताया.
दूसरी ओर, विपक्ष इसे अपनी बड़ी जीत बता रहा है. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है और सरकार का लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास नाकाम हो गया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस बिल के जरिए लंबे समय तक सत्ता में बने रहने की साजिश रच रही थी और महिलाओं को सिर्फ इस्तेमाल करना चाहती थी.
प्रियंका गांधी ने यह भी मांग की कि 2023 में लाए गए मूल महिला आरक्षण विधेयक को बिना किसी बदलाव के संसद में पास किया जाए, जिसमें जनगणना और परिसीमन के बाद ही आरक्षण लागू करने का प्रावधान है.
अब सबकी निगाहें प्रधानमंत्री के आज रात 8:30 बजे के संबोधन पर टिकी हुई हैं. इस संबोधन में यह साफ हो सकता है कि सरकार इस मुद्दे पर आगे क्या रणनीति अपनाएगी और महिला आरक्षण को लेकर उसका अगला कदम क्या होगा.