9 दिनों तक कहां फरार थी कन्नौज वाली बुआ, गिरफ्तार होते ही खोली बड़ी पोल

Global Bharat 21 Aug 2024 03:20: PM 2 Mins
9 दिनों तक कहां फरार थी कन्नौज वाली बुआ, गिरफ्तार होते ही खोली बड़ी पोल

जिसे कन्नौज पुलिस गली-गली तलाश रही थी, दिल्ली से लखनऊ तक जिसके लिए कई टीमें लगी थी, उसकी गिरफ्तारी 21 अगस्त की सुबह-सुबह होती है. पुलिस को मुखबिर की मदद से सूचना मिलती है कि वो अपने मायके जाने वाली है. पुलिस की टीम पूरी रात जागकर उस पर नजर रखती है और जैसे ही वो कन्नौज के तिर्वा इलाके में एंट्री लेती है पुलिस की टीम उसे रास्ते से ही उठा लेती है. तस्वीरों में हालत देखकर आप समझ सकते हैं कि कैसे हर आरोपी की तरह इसकी भी शक्ल पर 12 बज रहे हैं, पर अभी असली कहानी बाकी थी.

जैसे ही पुलिस की टीम इसे थाने लेकर पहुंचती है, और अपने तरीके से पूछताछ करती है, एक सांस में ये सबकुछ बता जाती है. पुलिस को आरोपी बुआ कहती है 11 अगस्त की रात मैं लखनऊ में थी, उसी दिन नवाब सिंह यादव का फोन मेरे पास आया, मैंने कहा मेरे साथ भतीजी भी है, तो बोले उसको भी ले आओ. हमलोग देर रात जैसे ही कॉलेज पहुंचे उन्होंने गाड़ी भिजवाई. उसके बाद पहले इन्होंने बातचीत की. उसके बाद बिटिया चिल्लाने लगी और भागती हुई बाहर जाकर उसने 112 पर कॉल कर दिया.

नवाब को मैं 5-6 साल से न सिर्फ जानती हूं, बल्कि उनके साथ मेरे संबंध भी हैं. इस कबूलनामे के बाद ये साफ हो गया कि ये महिला जानबूझकर उस लड़की को लेकर वहां गई थी और इस पूरे खेल की मास्टरमाइंड यही है, लेकिन पुलिस के दिमाग में सबसे बड़ा सवाल ये था कि आखिर ये 9 दिनों तक फरार कहां थी और इसने जिन लोगों का नाम लिया था कि राजनीतिक षडयंत्र के तहत नवाब को फंसाया जा रहा है, उसकी कहानी क्या थी. इस सवाल के जवाब में ये जो बताती है, उसे सुनकर आपका रिश्ते पर से भरोसा उठ जाएगा.

वह कहती है...नवाब सिंह यादव के भाई का फोन मेरे पास तब आया, जब उनकी गिरफ्तारी हो गई थी. उसने कहा कि तुम नवाब का नाम मत लेना, उन्हें बचाने की कोशिश करना. इसके बदले जो मांगोगे तुम्हें मिल जाएगा. साथ में कुछ ऐसे नाम बता देना जिससे केस डायवर्ट हो जाए और पुलिस भी इस एंगल पर जांच करने लगे कि कहीं ये राजनीतिक साजिश तो नहीं है.

ऐसे में सवाल ये भी है कि क्या नवाब के परिवार ने ही 9 दिनों तक इस महिला को छिपाए रखा या फिर किसी नेता के फॉर्म हाउस या सीक्रेट अड्डे पर ये छिपी थी. पुलिस को अभी कई सवालों के जवाब तलाशने हैं, जैसे उस रात क्या नवाब के अलावा कोई और उस कमरे में थे, वो 8 हजार वाली बात क्या थी, क्या इसकी डील 8 हजार में हुई थी, क्या नवाब सिंह यादव के पास ये और लड़कियों को ले जाती थी. एसपी अमित कुमार आनंद साफ-साफ कहते हैं कि नवाब सिंह यादव और इस महिला के बीच संबंध थे.

पुलिस जांच में ये भी पता चला है कि नवाब सिंह यादव के भाई ने लड़की पर मेडिकल न कराने और बयान दर्ज कराने का दबाव बनाया था. उसने लड़की और उसके परिवारवालों को पैसे का लालच दिया था, ये तो ठीक वैसा ही है जैसे अयोध्या के केस में मोईद खान के पकड़े जाने पर उसके करीबी राशिद ने लड़की पर दबाव बनाया. पर यहां सबसे शर्मनाक बात ये है कि एक बुआ ही अपनी भतीजी के साथ ऐसा कैसे कर सकती है.

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