बेंगलुरु: कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग ने भाजपा शिविर में तूफान खड़ा कर दिया है. पार्टी के अपने ही कुछ विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर कांग्रेस को फायदा पहुंचाया, जिसके बाद भाजपा ने साफ कह दिया है कि गद्दारों को कोई माफी नहीं मिलेगी.
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने गुरुवार को आग उगलते हुए कहा, "मेरे पास पूरी जानकारी है कि किस-किस ने क्रॉस वोटिंग की. भाजपा के करीब 5-6 विधायकों ने ऐसा किया है. उन्हें माफ करने का कोई सवाल ही नहीं है. राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ मिलकर जल्द ही इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी."
क्या हुआ था चुनाव में?
विधान परिषद की 7 सीटों के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस ने कमाल कर दिखाया. उसके पास महज 141 वोट थे, लेकिन उसे 151 वोट मिल गए. 11 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जिससे कांग्रेस अपने सभी 5 उम्मीदवार जिता सकी. भाजपा 2 सीटें जीतने में कामयाब रही, लेकिन उसकी सहयोगी जेडीएस को सबसे बड़ा झटका लगा. जेडीएस अपना एकमात्र उम्मीदवार भी नहीं बचा पाई.
जेडीएस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने भी स्वीकार किया कि उनके 4 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है. उन्होंने कहा, "जो जाना चाहता है, जा सकता है. पार्टी अब जेन जेड (युवा) नेताओं पर फोकस करेगी."
डीके शिवकुमार की बड़ी जीत
हाल ही में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने डीके शिवकुमार के लिए यह चुनाव बड़ी राजनीतिक जीत साबित हुआ. न सिर्फ अपने विधायकों को संभाल लिया, बल्कि विपक्षी खेमे में सेंध लगाकर क्रॉस वोटिंग करवाई. इस सफलता को कांग्रेस शिवकुमार की रणनीति का नतीजा मान रही है.
भाजपा अब क्रॉस वोटिंग करने वालों की पहचान कर सख्त एक्शन की तैयारी में जुट गई है. पार्टी के अंदर गुटबाजी की खबरें भी इस घटना के बाद और तेज हो गई हैं. क्या भाजपा अपने विधायकों को पार्टी से बाहर करेगी? या कोई और सजा दी जाएगी? फिलहाल सस्पेंस बरकरार है, लेकिन एक बात साफ है कि क्रॉस वोटिंग की इस साजिश को भाजपा बर्दाश्त नहीं करने वाली है.