लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को यहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की विशाल प्रतिमाओँ से युक्त राष्ट्र प्रेरणा स्थल को राष्ट्र को समर्पित किया. उन्होंने कहा कि राष्ट्र प्रेरणा स्थल उस सोच का प्रतीक है जिसने भारत को आत्मसम्मान, एकता और सेवा का मार्ग दिखाया है. यहां स्थापित प्रतिमाएं राष्ट्र निर्माण के लिए सतत प्रेरणा देती हैं. यह स्थल संदेश देता है कि हमारा हर कदम, हर प्रयास और हर संकल्प राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित होना चाहिए. सबका प्रयास ही विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करेगा.

प्रधानमंत्री ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण करने के साथ ही यहां बने भव्य संग्रहालय का भ्रमण भी किया. उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार का फायदा उत्तर प्रदेश को हो रहा है. उत्तर प्रदेश 21वीं सदी के भारत में अपनी अलग पहचान बना रहा है.

मेरा सौभाग्य है कि मैं यूपी से सांसद हूं. आज मैं बहुत गर्व से कह सकता हूं कि उत्तर प्रदेश के मेहनतकश लोग एक नया भविष्य लिख रहे हैं. कभी यूपी की चर्चा खराब कानून व्यवस्था को लेकर होती थी, आज यूपी की चर्चा विकास के लिए होती है. प्रधानमंत्री मोदी ने देश और दुनिया को क्रिसमस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि क्रिसमस का यह उत्सव सभी के जीवन में खुशियां लेकर आए.
उत्तर प्रदेश है सुशासन, समृद्धि और सच्चे सामाजिक न्याय का मॉडल
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश की सराहना करते हुए कहा कि आज यूपी देश के पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है. अयोध्या में भव्य राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम दुनिया में उत्तर प्रदेश की नई पहचान के प्रतीक बन रहे हैं. राष्ट्र प्रेरणा स्थल जैसे आधुनिक निर्माण उत्तर प्रदेश की नई छवि को और अधिक रोशन बनाते हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा उत्तर प्रदेश सुशासन, समृद्धि और सच्चे सामाजिक न्याय के मॉडल के रूप में और बुलंदी हासिल करे.
25 दिसंबर का देश की महान विभूतियों से संबंध
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 25 दिसंबर भारत के इतिहास और मूल्यों से जुड़ा अत्यंत प्रेरक दिन है. इसी दिन भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी और महामना मदन मोहन मालवीय का जन्म हुआ था. इन महापुरुषों ने भारत की अस्मिता, एकता और गौरव की रक्षा की और राष्ट्र निर्माण में अमिट छाप छोड़ी.

उन्होंने कहा कि 25 दिसंबर को ही महाराजा बिजली पासी की जन्म जयंती भी है. लखनऊ के समीप स्थित प्रसिद्ध बिजली पासी किला उनकी वीरता, सुशासन और समावेशी विरासत का प्रतीक है. प्रधानमंत्री मोदी ने स्मरण कराया कि वर्ष 2000 में अटल बिहारी वाजपेयी ने महाराजा बिजली पासी के सम्मान में डाक टिकट जारी किया था. प्रधानमंत्री ने इस पावन अवसर पर महामना मालवीय, अटल जी और महाराजा बिजली पासी को श्रद्धापूर्वक नमन किया.
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का निर्णायक योगदान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारत की अखंडता के लिए निर्णायक भूमिका निभाई. उन्होंने दो विधान, दो निशान और दो प्रधान की व्यवस्था को सिरे से खारिज किया. आजादी के बाद जम्मू कश्मीर में भारत की अखंडता एक बड़ी चुनौती थी. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा को गर्व है कि उसकी सरकार को अनुच्छेद 370 की दीवार गिराने का अवसर मिला और आज जम्मू कश्मीर में भारत का संविधान पूरी तरह लागू है. स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग मंत्री के रूप में डॉ. मुखर्जी ने औद्योगिक नीति देकर आत्मनिर्भर भारत की नींव रखी.
एकात्म मानववाद और अंत्योदय का संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अंत्योदय का सपना देखा था. वे मानते थे कि भारत की प्रगति का पैमाना अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के चेहरे की मुस्कान से तय होना चाहिए. उन्होंने एकात्म मानववाद का दर्शन दिया, जिसमें शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा सभी के विकास की बात कही गई. प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने इस दर्शन को संकल्प में बदला है. आज हर पात्र व्यक्ति को सरकार की योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. यही सुशासन है और यही सच्चा सामाजिक न्याय है.
गरीबी पर विजय और सामाजिक सुरक्षा का विस्तार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते दशक में करोड़ों भारतीयों ने गरीबी को परास्त किया है. 2014 से पहले केवल करीब 25 करोड़ लोग सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में थे. आज यह संख्या बढ़कर लगभग 95 करोड़ तक पहुंच चुकी है.प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से हजारों करोड़ रुपये सीधे जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे हैं.

पहले बैंक खाते और बीमा कुछ ही लोगों के होते थे, हमारी सरकार ने अंतिम व्यक्ति तक बीमा सुरक्षा पहुंचाने का बीड़ा उठाया था. इसके लिए प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना बनाई. इससे मामूली प्रीमियम पर 2 लाख तक का इलाज सुनिश्चित हुआ. आज स्कीम से 25 करोड़ से ज्यादा गरीब जुड़े हैं. इसी तरह दुर्घटना बीमा के अंतर्गत प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना चल रही है. इससे भी करीब 55 करोड़ गरीब जुड़े हैं. ये पहले बीमा के बारे में सोच भी नहीं सकते थे. इन योजनाओं से करीब 25 हजार करोड़ रुपए का क्लेम सामान्य गरीब परिवारों तक पहुंचा है. संकट के समय यह पैसा गरीब परिवारों के काम आया.
अटल जी की सुशासन विरासत का उल्लेख
प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, अटल बिहारी वाजपेयी ने सही मायने में सुशासन को जमीन पर उतारा. डिजिटल पहचान, टेलिकॉम क्रांति, सड़क और कनेक्टिविटी की नींव उनकी सरकार के समय पड़ी. उन्होंने कहा कि आज भारत मोबाइल और इंटरनेट का वैश्विक केंद्र बन रहा है और उत्तर प्रदेश इसमें अग्रणी भूमिका निभा रहा है. उन्होंने कहा कि अटल जी की जयंती का ये दिन सुशासन के उत्सव का भी दिन है. लंबे समय तक देश में गरीबी हटाओ जैसे नारों को ही गवर्नेंस मान लिया गया था. लेकिन, अटल जी ने सही मायने में सुशासन को जमीन पर उतारा.

आज डिजिटल पहचान की इतना चर्चा हो रही है, इसकी नींव बनाने का काम अटल जी की सरकार ने ही किया था. भारत में टेलिकॉम क्रांति का श्रेय भी अटल जी को जाता है. उनकी सरकार की नीतियों से ही घर-घर तक फोन और इंटरनेट पहुंचना आसान हुआ. आज भारत दुनिया में सबसे अधिक मोबाइल और इंटरनेट कन्ज्यूमर वाला देश है. आज अटल जी जहां भी होंगे, इस बात से प्रसन्न होंगे कि बीते 11 वर्षों में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन गया है.
यूपी आज भारत का नंबर वन मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग राज्य
प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, जिस यूपी से अटल जी सांसद रहे वह यूपी आज भारत का नंबर वन मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग राज्य है. कनेक्टिविटी को लेकर अटल जी के विजन ने 21वीं सदी के भारत को शुरुआती मजबूती दी. अटल जी की सरकार के समय ही गांव-गांव तक सड़क पहुंचाने का अभियान शुरू किया गया था. उसी समय स्वर्णिम चतुर्भुज यानी हाइवे के निर्माण का कार्य शुरू हुआ था. वर्ष 2000 के बाद से प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 8 लाख किलोमीटर सड़कें गांवों में बनी हैं. इनमें से करीब 4 लाख किलोमीटर ग्रामीण सड़कें पिछले 11 साल में बनी हैं. आज हमारे देश में अभूतपूर्व गति से एक्सप्रेसवे बनाने का काम चल रहा है. हमारा यूपी भी एक्सप्रेसवे प्रदेश के रूप में अपनी पहचान बना रहा है. वे अटल जी ही थे जिन्होंने दिल्ली में मेट्रो की शुरुआत की थी. आज देश के 20 से ज्यादा शहरों में मेट्रो नेटवर्क लाखों लोगों का जीवन आसान बना रहा है. भाजपा में एनडीए सरकार ने सुशासन की जो विरासत बनाई है उसे आज भाजपा की केन्द्र और राज्य की सरकारें नया आयाम-नया विस्तार दे रही हैं.
परिवारवाद की राजनीति पर स्पष्ट प्रहार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के बाद दशकों तक एक ही परिवार के नाम पर इतिहास और उपलब्धियों को सीमित करने की प्रवृत्ति रही. भाजपा ने इस सोच को बदला है. परिवार की राजनीति की एक विशिष्ट पहचान होती है. ये असुरक्षा से भरी हुई है. खुद की पीढ़ियों के लिए दूसरों की लकीर छोटी करना मजबूरी हो जाता है. ताकि, उनके परिवार का कद बड़ा दिखे और उनकी दुकान चलती रहे. इसी सोच ने भारत में राजनीतिक छुआ-छूत का चलन शुरू किया. आजाद भारत में अनेक प्रधान मंत्री हुए लेकिन राजधानी दिल्ली में जो म्यूजियम था उसमें अनेक पूर्व प्रधानमंत्रियों को नजरअंदाज किया गया.
इस स्थिति को भी भाजपा ने एनडीए ने ही बदला है. आज आप दिल्ली जाते हैं तो भव्य प्रधानमंत्री संग्रहालय आपका स्वागत करता है. चाहें किसी प्रधानमंत्री का कार्यकाल कितना ही छोटा रहा हो, सबको उचित सम्मान और स्थान दिया गया है. कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने राजनीतिक रूप से भाजपा को अछूत बनाए रखा. लेकिन, भाजपा के संस्कार हमें सबका सम्मान करना सिखाते हैं. बीते 11 वर्षों में नरसिम्हा राव जी व प्रणव बाबू को भारत रत्न दिया गया. उन्होंने कहा कि ये हमारी सरकार है जिसने मुलायम सिंह यादव और तरुण गोगोई जैसे अनेक नेताओं को राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया है. कांग्रेस या समाजवादी पार्टी से कोई ऐसी उम्मीद नहीं कर सकता है. इन लोगों के राज में तो भाजपा के नेताओं को केवल अपमान ही मिलता था.