नई दिल्ली: भारतीय सिख महिला सरबजीत कौर, जो गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर पाकिस्तान गई थीं और लापता हो गईं, कथित तौर पर इस्लाम कबूल कर पाकिस्तान में एक व्यक्ति से शादी कर ली है. उर्दू में लिखा उनका 'निकाहनामा' (इस्लामी विवाह अनुबंध) की प्रति सामने आई है. दस्तावेज़ में उल्लेख है कि पंजाब के कपूरथला की निवासी सरबजीत कौर ने इस्लाम कबूल करने के बाद "नूर" नाम अपनाया और लाहौर के निकट शेखुपुरा निवासी नासिर हुसैन से शादी की.
कौर अन्य सिख तीर्थयात्रियों के साथ धार्मिक यात्राओं की द्विपक्षीय सहमति के तहत 4 नवंबर को वाघा-अटारी बॉर्डर पार कर पाकिस्तान गई थीं. तीर्थयात्री गुरु नानक देवa जी की 555वीं जयंती मनाने पाकिस्तान में थे. 1,900 से अधिक तीर्थयात्रियों का यह जत्था 13 नवंबर को भारत लौट आया, लेकिन कौर लौटते समूह में नहीं थीं.
इसके बाद पाकिस्तानी इमीग्रेशन ने भारतीय अधिकारियों को सूचित किया कि वे एग्जिट क्लीयरेंस के लिए रिपोर्ट नहीं कीं. पुलिस ने भारतीय अधिकारियों को आगे की जांच के लिए प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी है. भारतीय अधिकारी अब कौर और उनके परिवार के बारे में उनकी मूल गांव से अधिक जानकारी जुटाने में जुटे हैं. 52 वर्षीय यह महिला तलाकशुदा हैं और उनके पूर्व पति करनैल सिंह से दो बेटे हैं, जो पिछले लगभग 30 वर्षों से इंग्लैंड में रह रहे हैं.
पंजाब के मुक्तसर जिले से जारी उनका पासपोर्ट उनके पूर्व पति के नाम के बजाय उनके पिता का नाम दर्ज करता है. तीर्थयात्रियों के जत्थे का नेतृत्व अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज्ज कर रहे थे. समूह ने ननकाना साहिब में गुरुद्वारा जन्म अस्थान, करतारपुर में गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब और पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों का दौरा किया था.