कोलकाता : पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर होने वाले पुनर्मतदान से पहले सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है. टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के नामांकन वापस लेने के बाद बीजेपी ने इसे अपनी बड़ी राजनीतिक जीत बताया है. इसी बीच मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जहांगीर खान पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि अरे वो पुष्पा कहीं दिखाई नहीं दे रहा.
सीएम शुभेंदु ने कहा कि जो नेता खुद को पुष्पा समझता था, आखिरकार चुनावी मैदान छोड़कर भाग गया. उन्होंने दावा किया कि जहांगीर खान के पास अब कोई रास्ता नहीं बचा था, क्योंकि उसे पोलिंग एजेंट तक नहीं मिल रहे थे. शुभेंदु ने कहा कि पुष्पा भाग गया… उसे पता था कि जनता उसके साथ नहीं है, इसलिए उसने मैदान छोड़ने में ही भलाई समझी. फलता विधानसभा सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान होना है, जबकि मतगणना 24 मई को होगी. नाम वापसी के बाद बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. बीजेपी लगातार टीएमसी पर चुनावी हिंसा और दबाव की राजनीति करने का आरोप लगा रही है, वहीं टीएमसी इसे व्यक्तिगत फैसला बता रही है.
जहांगीर खान के चुनावी मैदान छोड़ने के बाद अब फलता सीट की लड़ाई पूरी तरह बीजेपी बनाम टीएमसी की प्रतिष्ठा का सवाल बन चुकी है. बंगाल की राजनीति में पुष्पा वाला तंज अब चुनावी बहस का नया हथियार बन गया है.