सोशल मीडिया पर इन दिनों एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि केंद्र सरकार की नजर अब मंदिरों के सोने पर है। हालांकि सरकार ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है। इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया बयान ने आर्थिक हालात को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
रायबरेली दौरे के दौरान राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि देश में बड़ा आर्थिक संकट आ सकता है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा आर्थिक मॉडल ज्यादा समय तक टिकने वाला नहीं है और इसका सबसे ज्यादा असर आम जनता पर पड़ेगा। राहुल गांधी ने महंगाई, बढ़ती लागत और बाजार की स्थिति को लेकर चिंता जताई।
वहीं दूसरी तरफ लोगों के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों, महंगे गैस सिलेंडर और बढ़ती रोजमर्रा की लागत को लेकर पहले से चर्चा है। जानकारों का कहना है कि अगर वैश्विक स्तर पर युद्ध और आर्थिक अस्थिरता लंबे समय तक जारी रही तो इसका असर भारत समेत कई देशों पर पड़ सकता है।
आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक किसी बड़े आर्थिक संकट की स्थिति में कंपनियों में छंटनी, महंगाई, जरूरी सामानों की कीमतों में वृद्धि और रियल एस्टेट जैसे सेक्टर पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं अब भी भारत को दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल मान रही हैं।
विशेषज्ञ लोगों को सलाह दे रहे हैं कि वे अनावश्यक कर्ज से बचें, इमरजेंसी फंड तैयार रखें और आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करें। साथ ही अपनी स्किल को लगातार बेहतर बनाते रहें ताकि किसी भी आर्थिक चुनौती का सामना किया जा सके।
फिलहाल सरकार का कहना है कि देश की आर्थिक स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन विशेषज्ञ और राजनीतिक दल आने वाले समय को लेकर अलग-अलग राय रखते हैं। ऐसे में अफवाहों से बचते हुए सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।