नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सरकार परंपराओं को तोड़ रही है और विदेश मंत्रालय के जरिए उन्हें विदेशी नेताओं से मिलने से रोका जा रहा है. राहुल ने इसे प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्रालय की “असुरक्षा” बताया.
उन्होंने कहा, “नेता प्रतिपक्ष भी देश का प्रतिनिधित्व करते हैं. विदेशी मेहमानों से मिलना और भारत का नजरिया रखना सिर्फ सत्ताधारी दल का विशेषाधिकार नहीं है. हमारे सभी बड़े देशों से संबंध हैं और विपक्ष का दृष्टिकोण भी दुनिया के सामने जाना चाहिए.” राहुल के इस बयान पर कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री कुमारी सैलजा ने भी कड़ा रुख अपनाया.
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने लोकतांत्रिक परंपराओं और संस्थाओं को कमजोर करने का काम किया है. लोकसभा में राहुल गांधी और राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे विपक्ष के नेता हैं, लेकिन सरकार इनकी भूमिका को स्वीकार नहीं कर रही. यह देश की गरिमा के लिए ठीक नहीं है. कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने भी राहुल गांधी का खुलकर साथ दिया.
थरूर ने कहा, “राहुल जी ने जो बात कही, वह बिलकुल सही है. सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए. लोकतंत्र में विदेशी राष्ट्राध्यक्षों या मेहमानों से विपक्ष के नेता की मुलाकात स्वाभाविक और जरूरी होती है.”
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के संदर्भ में थरूर ने आगे कहा, “रूस के साथ हमारे ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंध हैं. यह यात्रा महत्वपूर्ण है. भारत को रूस, चीन और अमेरिका समेत सभी बड़ी शक्तियों के साथ सं बनाए रखने चाहिए. एक देश से रिश्ते दूसरे देश से संबंधों की कीमत पर तय नहीं होने चाहिए.”
इस पूरे मामले ने एक बार फिर सरकार और विपक्ष के बीच विदेश नीति व लोकतांत्रिक परंपराओं को लेकर तीखी बहस छेड़ दी है.