नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर मानसिक दबाव में होने का आरोप लगाया है. उन्होंने यह बात संसद में चुनावी सुधारों पर हुई चर्चा के बाद कही, जहां दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली थी.
राहुल का कहना है कि शाह ने उनके उठाए गए सवालों पर कोई ठोस उत्तर नहीं दिया और मुद्दों से बचते नजर आए. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि गृह मंत्री की बॉडी लैंग्वेज से साफ था कि वे परेशान हैं - उनकी भाषा में गलतियां थीं और हाथों में कंपकंपी दिख रही थी, जिसे पूरे देश ने नोटिस किया.
राहुल ने आगे बताया कि उन्होंने शाह को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाए गए 'वोट चोरी' के मुद्दे पर संसद में खुली बहस की चुनौती दी थी, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. उनके अनुसार, शाह पूरी तरह बचाव की मुद्रा में थे और पारदर्शी वोटर लिस्ट, ईवीएम की विश्वसनीयता तथा मुख्य चुनाव आयुक्त की प्रतिरक्षा जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चुप्पी साधे रहे. राहुल ने 'वोट चोरी' को देशद्रोह की सबसे बड़ी मिसाल बताया.
इस बहस के दौरान विपक्षी सदस्यों ने लोकसभा से बहिर्गमन किया. बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए राहुल ने शाह की प्रतिक्रिया को घबराहट से भरा और रक्षात्मक करार दिया. बता दें कि लोकसभा का शीतकालीन सत्र जारी है, कई मुद्दों पर एनडीए सांसद और इंडिया गठबंधन के सांसद एक दूसरे पर छींटाकशी करते नजर आए.