CJP के समर्थन में उतरे ठाकरे ब्रदर्स, 26 जुलाई को मुंबई मार्च का ऐलान, बिगड़ सकते हैं हालात!

Rahul Jadaun 23 Jul 2026 02:15: PM 1 Mins
CJP के समर्थन में उतरे ठाकरे ब्रदर्स, 26 जुलाई को मुंबई मार्च का ऐलान, बिगड़ सकते हैं हालात!

नई दिल्ली: दिल्ली की गलियों और संसद के हंगामे के बाद अब NEET पेपर लीक और CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) आंदोलन की आंच देश की आर्थिक राजधानी मुंबई तक पहुँच गई है। सियासी मोर्चे पर सालों बाद एक साथ आए ठाकरे बंधुओं—शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे (MNS) अध्यक्ष राज ठाकरे ने ऐलान किया है कि वे 26 जुलाई 2026 (रविवार) को मुंबई की सड़कों पर एक विशाल 'संयुक्त मोर्चा' (United March) निकालेंगे।

शिवाजी पार्क से सिद्धिविनायक मंदिर तक निकलने वाले इस मोर्चे को लेकर मुंबई प्रशासन और पुलिस महकमे में भारी हड़कंप मच गया है, क्योंकि इस प्रदर्शन के दौरान शहर में कानून-व्यवस्था बिगड़ने और हालात तनावपूर्ण होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है।

शिवाजी पार्क से सिद्धिविनायक तक 'तिरंगा मोर्चा'

राज और उद्धव ठाकरे ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि यह मार्च किसी एक राजनीतिक पार्टी का झंडा लेकर नहीं, बल्कि केवल तिरंगे के नीचे निकाला जाएगा। ठाकरे भाइयों ने कांग्रेस और शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) को भी इस मोर्चे में शामिल होने का न्योता दिया है।

राज ठाकरे ने उग्र लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, "शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और अभिभावकों पर दिल्ली में अत्याचार हुआ है। यदि मुंबई में 26 जुलाई के मोर्चे को किसी ने बाधित करने या रोकने की कोशिश की, तो हम उसे अपनी शैली में सबक सिखाएंगे।" वहीं उद्धव ठाकरे ने मांग की कि अब केवल शिक्षा मंत्री का इस्तीफा काफी नहीं है, बल्कि केंद्र की सत्ता बदलने का वक्त आ गया है।

पुलिस अलर्ट पर: मुंबई में 6 अगस्त तक निषेधाज्ञा लागू

ठाकरे बंधुओं के इस संयुक्त ऐलान के बाद मुंबई पुलिस और राज्य सरकार एक्शन मोड में आ गई है। मुंबई पुलिस उपायुक्त (ऑपरेशंस) द्वारा जारी आदेश के तहत 23 जुलाई से 6 अगस्त 2026 तक पूरी मुंबई में धारा 144 के तहत पाबंदियां और निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। इसके तहत बिना अनुमति के 5 या उससे अधिक लोगों के जमावड़े, रैलियों और प्रदर्शनों पर रोक लगा दी गई है।

क्या 26 जुलाई को थमेगी मुंबई की रफ्तार?

26 जुलाई की तारीख मुंबई के इतिहास में बेहद संवेदनशील मानी जाती है। ऐसे में राज और उद्धव ठाकरे का एक साथ सड़कों पर उतरना महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है। शिवसेना (UBT) और मनसे कार्यकर्ताओं के एक साथ जुटने से मुंबई की सड़कों पर ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।

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