प्रतापगढ़ : रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. प्रतापगढ़-प्रयागराज बॉर्डर के मादूपुर गांव में आयोजित एक धार्मिक कथा कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मुस्लिम समुदाय, सनातन धर्म और धर्मांतरण को लेकर कई विवादित टिप्पणियां कीं, जिसके बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है.
बताया जा रहा है कि राजा भैया तीन दिन पहले कथावाचक देवरत महराज की कथा में शामिल होने पहुंचे थे. मंच से संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि आज जितने मुस्लिम हैं, वे पहले हिंदू ही थे. वे कोई अरब से नहीं आए हैं. उन्होंने आगे कहा कि जो लोग आस्था विहीन, लोभी, लालची और दबाव में आने वाले थे, उन्होंने धर्म परिवर्तन कर लिया, जबकि जो वीर, धार्मिक और बलिदानी थे, हम सभी उन्हीं की संताने हैं.
अपने भाषण में राजा भैया ने तमिलनाडु के एक नेता द्वारा सनातन धर्म को समाप्त करने संबंधी कथित बयान का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि यदि कोई इस्लाम को समाप्त करने जैसी बात कहता तो देशभर में आंदोलन और फतवे जारी हो जाते. इसी संदर्भ में उन्होंने जाति-पाती छोड़ो, हम सब हिंदू भाई-भाई का संदेश भी दिया.
बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. एक ओर समर्थक इसे हिंदू एकता का संदेश बता रहे हैं, वहीं विरोधी इसे समाज में धार्मिक ध्रुवीकरण बढ़ाने वाला बयान करार दे रहे हैं. हालांकि अभी तक इस मामले में किसी प्रशासनिक कार्रवाई या आधिकारिक शिकायत की जानकारी सामने नहीं आई है. राजा भैया का यह बयान ऐसे समय में वायरल हुआ है, जब देशभर में धर्म, पहचान और सनातन को लेकर राजनीतिक बहस लगातार तेज बनी हुई है.