सपा की इतनी सीटें इतिहास में पहली बार आई तो वो भूल गए राम की मर्यादा. राम की काया और राम की छाया का मतलब हिन्दुस्तान में क्या होता है? संसद में हर पल राम का अपमान हो रहा है. चुनाव में बीजेपी से तकरार पर राजा भैया ने सपा का समर्थन किया. अयोध्या की हार में उनका योगदान भी, बीजेपी का गुमान तो टूट गया लेकिन राजा भैया से अब सहा नहीं जा रहा है.
अखिलेश यादव की पार्टी का सांसद प्रतापगढ़ से तो जीत गया लेकिन राजा भैया का ये भाषण अचानक वायरल होने लगा. जब राम मंदिर बन रहा था तो समाजवादी पार्टी, कांग्रेस सब सियासत कर रही थी, लेकिन राजा भैया ने अयोध्या जाकर राम को प्रणाम करके ही अपनी चुनावी यात्रा की शुरूआत की थी.
मुलायम सिंह यादव से राजा भैया मिलने जाते हैं तो अपना जूता बाहर उतार देते हैं, लेकिन संस्कार की बात आई तो अखिलेश यादव को उन्होंने फिर से आंख दिखाई और बता दिया कि राजनीति में सबकुछ टूट सकता है, पर प्रभु राम की मर्यादा नहीं.
‘कुंडा के राजा’ ने समझाया अयोध्या के राजा राम का मतलब!
राजा भैया माथे पर टिका लगाते हैं, राजनीति में मतभेद हो सकते हैं लेकिन राजनीति में राम के अपमान का मतलब नहीं बनता है. अखिलेश यादव राजनीतिक भूल में ये कायदा शायद भूल गए हैं कि राम का अपमान नहीं होना चाहिए. पार्टी, सत्ता, कुर्सी, सरकार सब आते जाते रहेंगे लेकिन राम अमिट थे, राम अमिट होंगे. आने-जाने का सिलसिला लगा रहेगा, लेकिन सियासत राम पर नहीं होनी चाहिए. राजा भैया का ये वीडियो फिलहाल देश भर में वायरल है.