Raja Raghuvanshi Murder Case: इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी के परिवार ने रविवार को एक नवजात बालक का स्वागत किया और उसे नाम दिया राजा. परिवार का विश्वास है कि राजा का पुनर्जन्म उनके परिवार में ही हुआ है. यह बच्चा राजा के बड़े भाई सचिन के घर पैदा हुआ है. सचिन ने दावा किया कि कामाख्या मंदिर के एक पुजारी ने राजा की 13वीं दिन की श्राद्ध-क्रिया के दौरान बताया था कि 29 वर्षीय राजा का मृत्यु अस्वाभाविक थी, इसलिए वे परिवार में ही पुनर्जन्म लेंगे.
सचिन ने बच्चे के जन्म के समय को भी इस बात का प्रमाण बताया. उन्होंने कहा, "राजा की मृत्यु चंद्रपक्ष के ग्यारहवें दिन दोपहर करीब 2:40 बजे हुई थी, जबकि बच्चा उसी दिन करीब 2:42 बजे पैदा हुआ." उन्होंने यह भी कहा कि उनकी भाभी (राजा की पत्नी सोनम) हमेशा अपने छोटे देवर राजा का बहुत अच्छे से ख्याल रखती थीं और उन्हें अपने बेटे की तरह मानती थीं.
सचिन की मां उमा रघुवंशी ने कहा, "जो कुछ भी हुआ, वह भगवान की मर्जी थी. राजा का जन्म हमारे परिवार को कई महीनों के गम के बाद कुछ राहत लेकर आया है. जब हम उन्हें ‘राजा’ कहकर पुकारते हैं, तो वे हमें ऐसे देखते हैं जैसे पहले से हमें पहचानते हों." राजा रघुवंशी की हत्या 23 मई 2025 को मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले में वेइसावडोंग फॉल्स के पास की गई थी. उनकी क्षत-विक्षत लाश 2 जून को मिली थी, जब पुलिस ने कई दिनों की तलाश के बाद उन्हें ढूंढा.
परिवार ने आरोप लगाया था कि यह हत्या पूर्व-नियोजित और अनुष्ठानिक (Ritualistic) तरीके से की गई थी. राजा की पत्नी सोनम (25 वर्ष) और उनके कथित प्रेमी राज कुशवाहा (25 वर्ष) समेत तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. हत्या के बाद सोनम लापता हो गई थीं और बाद में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में प्रकट हुईं, जो घटनास्थल से लगभग 1,200 किलोमीटर दूर है.
उन्होंने 9 जून 2025 की सुबह पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. सितंबर 2025 में मेघालय पुलिस ने इस मामले में 790 पृष्ठों का चार्जशीट दाखिल किया. जांच पूरी होने के बाद सोनम और उनके प्रेमी समेत कुल पांच लोगों पर हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और सबूत नष्ट करने के आरोप लगाए गए.