अयोध्या : उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रबंधन को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव होने जा रहा है. राम मंदिर ट्रस्ट में पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है. इसी पद की दौड़ में उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय का नाम भी शामिल है. ट्रस्ट की ओर से CEO पद के लिए उम्मीदवारों के इंटरव्यू शुरू किए गए हैं.
राजेश पांडेय को पुलिस सेवा में तेजतर्रार अधिकारी और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर जाना जाता है. उन्होंने अपने 32 साल के करियर में 80 से अधिक एनकाउंटर किए. लखनऊ, अलीगढ़ और मेरठ में SSP रहते हुए उन्होंने संगठित अपराध और आतंकवाद के खिलाफ कई अभियान चलाए. वह उत्तर प्रदेश STF और ATS के संस्थापक सदस्य अधिकारियों में भी रहे हैं. मोबाइल फोन की इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस में उनकी विशेषज्ञता बताई जाती है.
राजेश पांडेय के करियर की सबसे चर्चित उपलब्धियों में कुख्यात गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला के खिलाफ ऑपरेशन शामिल है, इसके अलावा आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ अभियानों में उनकी भूमिका रही. बहादुरी के लिए उन्हें चार बार राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया.
उन्होंने कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भी सेवा दी और UN मेडल हासिल किया. पांडेय ने 1986 में PPS अधिकारी के रूप में पुलिस सेवा शुरू की और 2003 में IPS बने. 30 जून 2021 को IG-इलेक्शन सेल के पद से रिटायर हुए. रिटायरमेंट के बाद उन्हें UPEIDA और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ी सुरक्षा जिम्मेदारी भी दी गई. 2023 में उन्होंने ऑपरेशन बाजूका किताब लिखी.
अब देखना होगा कि राम मंदिर ट्रस्ट CEO जैसे महत्वपूर्ण पद के लिए उनके लंबे प्रशासनिक और सुरक्षा अनुभव को कितनी प्राथमिकता मिलती है. अंतिम चयन ट्रस्ट की प्रक्रिया के तहत होगा.