नई दिल्ली: अयोध्या के राम मंदिर में भक्तों के चढ़ावे की व्यवस्थित चोरी का मामला लगातार गरमाया जा रहा है. अब विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने खुद को इस विवाद से पूरी तरह अलग कर लिया है. VHP के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने साफ कहा कि चंपत राय के ट्रस्ट में लिए गए फैसलों की जिम्मेदारी VHP की नहीं है. VHP ने कहा, "राम जन्मभूमि आंदोलन का हमारा लक्ष्य पूरा हो चुका है. मंदिर का निर्माण या उसे चलाना VHP का काम नहीं है. यह जिम्मेदारी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की है."
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उधर चंपत राय ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है. VHP ने चंपत राय के ट्रस्ट संचालन से खुद को अलग करते हुए कहा कि RSS या सरकार को इस मामले में घसीटना गलत है. आलोक कुमार ने इसे "बहुत शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण" बताया और कहा कि पूरे मामले की गहन जांच होनी चाहिए.
SIT की जांच तेज
पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है. SIT की जांच 5 साल पुराने बैंक रिकॉर्ड, ट्रांजेक्शन, CCTV फुटेज और नकदी आवाजाही तक पहुंच गई है. ट्रस्ट के कई और अधिकारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं. VHP ने मांग की है कि चंपत राय समेत सभी संदिग्धों की पूरी जांच हो और दोषियों को सजा मिले. यह मामला राम मंदिर जैसे पवित्र स्थल पर भक्तों के विश्वास और दान की पारदर्शिता को लेकर बड़े सवाल खड़े कर रहा है. जांच आगे बढ़ने के साथ और बड़े खुलासे होने की संभावना है.