नई दिल्ली: लंबे समय से गर्मी और मानसून की कमी से जूझ रहे उत्तर भारत के लिए राहत की खबर आई है. सैटेलाइट इमेजरी में 1500 किलोमीटर लंबा मानसून ट्रफ (मॉनसून ट्रफ) साफ दिखाई दिया है, जो उत्तरी बंगाल की खाड़ी से लेकर जम्मू-कश्मीर तक फैला हुआ है. INSAT-3DS सैटेलाइट की तस्वीर में पूर्वी भारत से हिमालयी क्षेत्र तक घने बादलों की व्यापक पट्टी नजर आ रही है. यह मानसून की मजबूत सक्रियता का संकेत है.
IMD का अनुमान
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून ट्रफ हिमालय की तलहटी के पास बना हुआ है. जैसे-जैसे यह दक्षिण की ओर अपनी सामान्य स्थिति की तरफ खिसकेगा, उत्तर भारत में तेज गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना बढ़ जाएगी. 1 से 4 जुलाई के बीच मानसून उत्तर भारत में और मजबूत होने की उम्मीद है.
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में व्यापक बारिश व गरज-चमक वाले झमाझम बारिश संभावना है. बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना, जो और नमी लेकर आएगा. दिल्ली में सोमवार को भी 42-43°C से ऊपर तापमान रहा, जबकि आर्द्रता बढ़ने से गर्मी और भी असहनीय हो गई थी. अब मौसम मॉडल सक्रिय मानसून की ओर इशारा कर रहे हैं.
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
ट्रफ मानसून की रीढ़ की हड्डी की तरह काम करता है. जब यह दक्षिण की ओर होता है, तो मैदानी इलाकों में अच्छी बारिश होती है. फिलहाल स्थिति उत्तर भारत के लिए अनुकूल बन रही है. अगर पूर्वानुमान सही रहा तो जुलाई के पहले सप्ताह में दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत को लंबे इंतजार के बाद मानसून की ठंडक मिल सकती है.