नई दिल्ली : केंद्र सरकार में रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है. इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है.
रवनीत बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल पहले ही समाप्त हो चुका था और उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा गया था. इसके बावजूद वे संवैधानिक प्रावधानों के तहत मंत्री बने हुए थे। अब उनके इस्तीफे को पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से जोड़कर देखा जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी उन्हें पंजाब की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है, ताकि राज्य में पार्टी की पकड़ मजबूत की जा सके.
रवनीत सिंह बिट्टू स्वयं भी पहले यह इच्छा जता चुके हैं कि लगभग 17 वर्षों तक संसद की राजनीति करने के बाद अब वे पंजाब लौटकर विधानसभा की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं, इससे पहले भी उनके राज्यसभा में दोबारा नहीं भेजे जाने के बाद यह चर्चा शुरू हो गई थी कि भाजपा उन्हें पंजाब चुनाव के लिए मैदान में उतार सकती है.
हालांकि भाजपा की ओर से अभी तक उनके भविष्य की भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन इस्तीफे के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि पार्टी पंजाब चुनाव की तैयारियों में उन्हें अहम चेहरा बना सकती है. अब सबकी नजर भाजपा नेतृत्व के अगले राजनीतिक फैसले पर टिकी है.