नई दिल्ली: महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी में आंतरिक विवाद खुलकर सामने आ गया है. भिवंडी पूर्व से विधायक रईस कासम शेख ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को पत्र लिखकर प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि राज्य इकाई को निजी कंपनी की तरह चलाया जा रहा है, जहां वफादार कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर मनमानी हो रही है.
रईस शेख ने पत्र में कहा कि टिकट वितरण में पक्षपात किया जा रहा है और उनके समर्थकों को जानबूझकर दरकिनार किया गया, जिससे आगामी मुंबई महानगरपालिका चुनाव में पार्टी को नुकसान हो सकता है. उन्होंने अखिलेश से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है.
जवाब में मुंबई सपा इकाई ने भी अखिलेश यादव को अलग पत्र भेजा, जिसमें रईस शेख पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाया गया. पत्र में कहा गया कि 2019 में पहली बार विधायक बनने के बाद शेख ने अपने क्षेत्र की संगठन जिम्मेदारी ली, लेकिन पुराने कार्यकर्ताओं को हाशिए पर धकेल दिया. 2024 में दोबारा जीतने के बाद उन्होंने BMC चुनाव की पूरी कमान मांगी, लेकिन पार्टी हित में निष्पक्षता के लिए समन्वय समिति बनाई गई, जिसमें वे खुद शामिल हुए और उम्मीदवार चयन में सक्रिय रहे.
हालांकि, नामांकन की अंतिम तारीख से ठीक पहले शेख का रवैया बदला और उन्होंने सपा के मजबूत उम्मीदवारों के फॉर्म खराब करवाकर कांग्रेस व एनसीपी को फायदा पहुंचाने की कोशिश की. कुछ वार्डों में जहां वे पहले नगरसेवक थे, वहां सपा उम्मीदवारों के बजाय अन्य दलों का समर्थन करने के आरोप भी लगे. जनवरी 2026 में होने वाले BMC चुनाव से पहले यह विवाद पार्टी के लिए चुनौती बन सकता है. अब अखिलेश यादव का अगला कदम सबकी नजर में है.