वाराणसी: शब्द सुनने में लगभग सामान्य और विनती भरे लग रहे थे. लेकिन उसके हाथ में पिस्तौल कुछ और ही कहानी बयान कर रही थी. ''कैश दो यार, बहुत कर्जा लिया है, Rs 10,000 दे दो.'' वाराणसी के काजी सराय में एक छोटे कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के अंदर जो कुछ हुआ, वह सिर्फ एक लूट की कोशिश नहीं था. बल्कि यह कर्ज, हताशा, धमकी और भागने की एक पूरी घटना थी, जो सीसीटीवी में साफ-साफ दर्ज हो गई.
वाराणसी
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) May 10, 2026
➡वाराणसी में CSC संचालक से लूट का प्रयास
➡पिस्टल के बल से संचालक से लूट का प्रयास
➡घटना सीसीटीवी में कैद, सूझबूझ से लूट नाकाम
➡लोगों ने बदमाश को पीटा, पुलिस को सौंपा
➡बड़ागांव थाना क्षेत्र के काजीसराय का मामला@varanasipolice pic.twitter.com/OLlJ5f613l
सीएससी संचालक जावेद अली अपनी काउंटर पर सामान्य शाम की तरह बैठे हुए थे, तभी एक हेलमेट पहने व्यक्ति अंदर घुसा. शुरुआत में कुछ असामान्य नहीं लगा. वह व्यक्ति अंदर घूमता रहा, जैसे स्थिति का जायजा ले रहा हो. सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखता है कि वह काउंटर के पास कुछ देर खड़ा रहा, सही मौके का इंतजार कर रहा था.
फिर अचानक उसने ग्रिल वाली खिड़की के पास आकर जावेद अली की तरफ पिस्तौल तान दी. बड़ी लूट की मांग के बजाय आरोपी ने सिर्फ 10,000 रुपए मांगे. लेकिन सबसे परेशान करने वाली बात उसका लहजा था. सिर्फ गुस्से भरी चीख नहीं, बल्कि धमकी के साथ अपनी मजबूरी भी बता रहा था. उसने हथियार ताने हुए दोहराया, ''बहुत कर्जा लिया है, Rs 10,000 दे दो.''
कुछ सेकंड तक जावेद अली ने हिंसक प्रतिक्रिया नहीं दी. वे शांत रहे, आरोपी से बात करते रहे और स्थिति को बढ़ने से रोकने की कोशिश की. यही देरी काम आ गई. जावेद अली बात करते-करते अचानक अलार्म बजा दिया. आरोपी को समझ आ गया कि मामला बिगड़ रहा है. वह तुरंत घूमकर भागने लगा. लेकिन उसकी भागने की कोशिश ज्यादा देर तक नहीं चली.
जावेद अली पीछे नहीं बैठे. वे आरोपी के पीछे दौड़ पड़े और मदद के लिए चिल्लाने लगे. इलाके के स्थानीय लोग तुरंत प्रतिक्रिया में आ गए. कुछ ही पलों में कई लोग उनके साथ हो गए. काजी सराय की संकरी गलियां चेज का रास्ता बन गईं और आखिरकार आरोपी को घेर लिया गया. भीड़ ने उसे पकड़ लिया, स्थानीय लोगों ने पीटा और काबू में करके बरागांव पुलिस को सौंप दिया.
पूरी घटना, अंदर घुसना, इंतजार करना, पिस्तौल दिखाना, 10,000 रुपए मांगना, भागना और पकड़े जाना सीएससी में लगे सीसीटीवी में साफ-साफ कैद हो गई. वीडियो में आरोपी को शांत घूमते हुए, अचानक आक्रामक होते हुए और फिर भागते वक्त घबराए हुए साफ देखा जा सकता है. पुलिस ने बाद में आरोपी की पहचान गौतम पटेल के रूप में की, जो शिव कुमार पटेल के बेटे हैं. वह बारागांव पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत भारतपुर गांव के रहने वाले हैं.
जानकर हैरानी हुई कि वह एक प्राइवेट स्कूल में टीचर है. पूछताछ में उसने बताया कि भारी कर्ज और मासिक किस्तों के दबाव में वह इस कदम तक पहुंच गया. इसी आर्थिक दबाव के चलते उसने लूट की योजना बनाई. पुलिस ने उसके पास से एक अवैध पिस्तौल भी बरामद की. बरागांव पुलिस ने बीएनएस और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है.
आरोपी को 10 मई को रात करीब 1 बजे औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद हिरासत में लिया गया. पुलिस अब हथियार के स्रोत की जांच कर रही है और यह भी पता लगा रही है कि क्या आरोपी ने पहले भी ऐसी कोशिश की थी या नहीं.