संभल : उत्तर प्रदेश के संभल में हिंसा मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल जफर अली ने अब असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM का दामन थाम लिया है. पार्टी की ओर से इसकी आधिकारिक घोषणा की गई, जिसके बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है. जफर अली ने ओवैसी के साथ मंच साझा करते हुए पार्टी की सदस्यता ग्रहण की.
जफर अली का नाम संभल दंगा मामले में सामने आने के बाद वह लगातार सुर्खियों में रहे हैं. अब उनके AIMIM में शामिल होने को राजनीतिक रूप से अहम कदम माना जा रहा है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी उन्हें संभल विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतार सकती है, हालांकि इस संबंध में अभी तक AIMIM की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
जफर अली की एंट्री को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों की ओर से राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आने की संभावना जताई जा रही है. समर्थकों का कहना है कि वह क्षेत्र की आवाज़ बनकर उभरेंगे, जबकि विरोधी इसे विवादित चेहरा आगे बढ़ाने का प्रयास बता रहे हैं.
संभल का राजनीतिक समीकरण पहले से ही काफी संवेदनशील माना जाता है. ऐसे में जफर अली का AIMIM में शामिल होना आगामी चुनावों को और दिलचस्प बना सकता है. माना जा रहा है कि मुस्लिम वोटों पर प्रभाव डालने की रणनीति के तहत AIMIM ने यह बड़ा दांव खेला है.
हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि संभल दंगा मामले में जफर अली के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है और किसी भी मामले में अंतिम दोषसिद्धि अदालत के निर्णय के बाद ही मानी जाती है. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी राजनीतिक पारी संभल की सियासत में कितना असर छोड़ती है.