टोपी से इनकार पर गमछा है स्वीकार, नए सीएम सम्राट ने छेड़ी बिहार में नई बहस

Amanat Ansari 18 Apr 2026 06:15: PM 2 Mins
टोपी से इनकार पर गमछा है स्वीकार, नए सीएम सम्राट ने छेड़ी बिहार में नई बहस

...ये तस्वीरें हैं बिहार की राजधानी पटना की, एनडीए के नेता और कार्यकर्ताओं से सम्राट चौधरी मुलाकात कर रहे थे, इसी दौरान एक बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति सम्राट चौधरी को टोपी पहनाने की कोशिश करते हैं, पर सम्राट टोपी नहीं पहनते, बल्कि उसे गार्ड को दे देते हैं और सिर्फ गमछा ओढ़कर अभिवादन स्वीकार करते हैं, जिसे लेकर बिहार कांग्रेस और आरजेडी के नेता सम्राट पर सवाल उठाने लगते हैं, उसी बीच खबर ये भी आती है कि नीतीश कुमार अचानक सम्राट चौधरी से मीटिंग करने पहुंचते हैं और मंत्रिमंडल समेत कई मुद्दों पर करीब 20 मिनट दोनों की गहन चर्चा चलती है...

पर टोपी वाली तस्वीर को देखें तो बीते कुछ साल पहले उन्होंने भी ऐसा किया था, लेकिन साल 2020 से पहले तो एक बार उन्होंने खुद कहा था कि सत्ता के लिए टोपी भी पहननी पड़ती है और टीका भी लगाना पड़ता है. अटल बिहारी वाजपेयी सबको साथ लेकर चलते थे.

नीतीश ने ये बयान मोदी की एक तस्वीर को लेकर दिया था, जब साल 2011 में जब नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे, उन्हें भी मंच पर टोपी पहनाने की कोशिश हुई थी, तो उन्होंने इनकार कर दिया था. जिस पर खूब सवाल उठे थे, हालांकि बाद में मोदी जब प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने दाऊदी बोहरा समुदाय के कार्यक्रम में सैफी मस्जिद पहुंचे थे. वहां उन्हें शॉल ओढ़ाई गई और तसबी दी गई, जिसे पीएम मोदी ने खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया था...जिसके बाद मोदी को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी हुईं पर योगी का अंदाज जो सांसद बनने के बाद था, वैसा ही अंदाज मुख्यमंत्री बनने के बाद भी नजर आता है...

कुछ साल पहले योगी आदित्यनाथ संत कबीर की मजार पर पहुंचे थे, और वहां उन्हें टोपी पहनाने की कोशिश की गई थी, पर योगी ने इनकार कर दिया था. जिसे लेकर विपक्ष ने खूब सवाल उठाए, और अब बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने टोपी से इनकार कर नई बहस छेड़ दी है... जानकार कहते हैं कि सम्राट की राजनीति अक्सर हिंदुत्व और अपने लव-कुश (कुशवाहा) वोट बैंक को मजबूत करने पर केंद्रित रहती है. बीजेपी के कई बड़े नेता सार्वजनिक रूप से मुस्लिम टोपी पहनने से बचते दिखते हैं. इसे तुष्टिकरण की राजनीति के विरोध के रूप में देखा जाता है.

तो सवाल ये उठ रहा है कि बिहार में क्या योगी मॉडल लॉन्च हो चुका है या फिर ये नया सम्राट मॉडल है जिसमें योगी मॉडल की झलक दिखाई देने लगी है...अगर सम्राट चौधरी के पुराने बयान देखें तो उन्होंने 3 बड़े बयान दिए थे.

  • पहला- हिंदुस्तान में जिसको रहना है,उसको हिंदुस्तान के साथ चलना होगा. रहेगा हिंदुस्तान में और गायेगा पाकिस्तान का गाना, अब नहीं चलेगा.
  • दूसरा- एक-एक बांग्लादेशी घुसपैठियों को शिनाख्त कर बिहार और भारत से बाहर निकाला जायेगा.
  • तीसरा- जब मेरी सरकार बनेगी तो हिंदुओं पर अत्याचार करने वाले प्रेम जाल में फंसाने वालों की शिनाख्त कर जेल भेजा जाएगा.

इन तीनों मुद्दों पर बीजेपी में सबसे आक्रमक रुख योगी आदित्यनाथ का रहा है, उससे पहले सम्राट चौधरी को जब गृहमंत्रालय की कमान मिली थी, और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे तो बिहार में बुलडोजर भी खूब गरजा था, और जब अब सम्राट सीएम बन चुके हैं तो उन्होंने कानून व्यवस्था को और मजबूत करने से लेकर कई आदेश दिए हैं, जिससे बिहार में योगी मॉडल की झलक दिखने लगी है, हालांकि कई नेता इसे बिहार का नया सम्राट मॉडल बता रहे हैं, अब आप इसे किस नजरिए से देखते हैं ये आपके ऊपर निर्भर करता है...

samrat choudhary bihar politics symbolic politics bihar skull cap controversy india

Recent News