सुल्तानपुर : उत्तर प्रदेश की सियासत में मिशन-2027 की आहट के बीच निषाद पार्टी के अध्यक्ष और एनडीए नेता संजय निषाद का एक बयान चर्चा में आ गया है. सुल्तानपुर में उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रहे रामभुआल निषाद को लेकर बड़ा खुलासा किया. संजय निषाद ने कहा कि सपा ने रामभुआल निषाद को प्रत्याशी बनाया था, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया था कि वह अपने समाज के खिलाफ प्रचार नहीं करेंगे.
संजय निषाद के मुताबिक, वह सिर्फ नामांकन के दौरान गए थे और उन्होंने रामभुआल निषाद के खिलाफ चुनाव प्रचार नहीं किया. उनके इस बयान को मिशन-2027 से पहले निषाद समाज की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
रामभुआल निषाद ने 2024 के लोकसभा चुनाव में सुल्तानपुर सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज की थी. ऐसे में संजय निषाद का यह बयान अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है. खासकर इसलिए क्योंकि निषाद समाज पूर्वांचल और अवध के कई विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है.
संजय निषाद पिछले कुछ समय से लगातार अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं. वह कई मौकों पर निषाद समाज के राजनीतिक अधिकार, हिस्सेदारी और प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाते रहे हैं. अब सुल्तानपुर के चुनाव को लेकर उनका यह खुलासा 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नई राजनीतिक चर्चा को जन्म दे सकता है.
वहीं, विपक्षी खेमे की ओर से इस बयान को अलग नजरिए से देखा जा रहा है. भाजपा के विरोधियों का आरोप है कि एनडीए के भीतर भी जातीय समीकरणों को साधने की मजबूरी है. दूसरी तरफ भाजपा समर्थक इसे समाज के साथ संजय निषाद के जुड़ाव के तौर पर पेश कर सकते हैं.
मिशन-2027 से पहले उत्तर प्रदेश में जातीय समीकरण तेजी से राजनीतिक बहस के केंद्र में आ रहे हैं. ऐसे में संजय निषाद का यह बयान आने वाले दिनों में सियासी हलचल बढ़ा सकता है.